रामानुजगंज में 100 एकड़ वनभूमि पर चला भूमाफियाओं का कुल्हाड़ा, हजारों पेड़ों की कटाई से हड़कंप; रेंजर बोलीं—होगा बुलडोजर एक्शन
रामानुजगंज : बलरामपुर जिले के रामानुजगंज वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम गम्हरिया के रोजवादामर में वन विभाग के प्लांटेशन पर भूमाफियाओं की बुरी नजर लग गई है। करीब 100 एकड़ से अधिक वनभूमि पर कब्जे की नीयत से पिछले 15-20 दिनों के भीतर हजारों फलदार और औषधीय पेड़ों को टांगी से काटकर बलि चढ़ा दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि वनभूमि की घेराबंदी और आपस में जमीन बांटने के लिए जगह-जगह मचान भी खड़े कर लिए गए हैं।

प्लांटेशन हुआ तबाह, औषधीय पौधे भी नहीं बख्शे
स्थानीय निवासियों सूर्यदेव सिंह और द्वारिका सिंह के अनुसार, वन विभाग ने रोजवादामर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आंवला, बहेरा, हर्रा और कई बेशकीमती प्रजातियों का पौधरोपण कराया था। पिछले दो-तीन हफ्तों से बेखौफ तस्कर और कब्जाधारी लगातार जंगलों का सफाया कर रहे हैं। जिस जगह हरा-भरा जंगल और प्लांटेशन लहराता था, वहां अब पेड़ों के ठूंठ दिखाई दे रहे हैं।

वन प्रबंधन समिति अध्यक्ष पर गंभीर आरोप, हटाने का प्रस्ताव पारित
इस पूरे मामले में वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जाकिर अंसारी की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। नाम न छापने की शर्त पर ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गम्हरिया मुख्य मार्ग के समीप वनभूमि पर अवैध रूप से खेती कराई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्राम गम्हरिया में ग्रामीणों व समिति सदस्यों की आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें सर्वसम्मति से एक सप्ताह के भीतर मौजूदा अध्यक्ष को पद से हटाकर नया चुनाव कराने का निर्णय लिया गया है।

रेंजर का सख्त रुख: अवैध निर्माण होंगे ध्वस्त, होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
मामले में रामानुजगंज रेंजर डॉ. दिलरुबा ए. बानो ने स्पष्ट किया है कि वन विभाग मामले में सख्त कानूनी कदम उठा रहा है। उन्होंने बताया, “विभाग द्वारा सबसे पहले वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष को हटाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके बाद संयुक्त टीम गठित कर वनभूमि पर किए गए सभी अवैध कब्जों और निर्माणों को ध्वस्त (डिमोलिश) किया जाएगा। पेड़ों की कटाई और अतिक्रमण में संलिप्त दोषियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”
वन विभाग की निगरानी प्रणाली पर उठे इस बड़े सवाल के बाद अब देखने वाली बात होगी कि अमला कितनी तेजी से बेदखली और जब्ती की कार्रवाई करता है।
