रामानुजगंज के युवा समाजसेवी की सराहनीय पहल: जरूरतमंद कन्याओं के विवाह में सामग्री के लिए देंगे 15,000 रुपये तक का सहयोग
रामानुजगंज (बलरामपुर)। जन्मदिन के अवसर पर फिजूलखर्ची से दूर, समाजसेवा की अनूठी मिसाल पेश करते हुए रामानुजगंज के युवा समाजसेवी अंकित गुप्ता ने एक संवेदनशील और सराहनीय पहल की शुरुआत की है। अपने 33वें जन्मदिन के मौके पर उन्होंने घोषणा की है कि रामानुजगंज नगर पालिका क्षेत्र की ऐसी कन्याएं, जिनके सिर से माता-पिता में से किसी एक अथवा दोनों का साया उठ चुका है, उनके विवाह में वे 15 हजार रुपये तक की वैवाहिक सामग्री का सहयोग प्रदान करेंगे। यह पहल जाति, पंथ और धर्म के किसी भी भेदभाव से परे पूरी तरह मानवता और सामाजिक सरोकार पर आधारित होगी।

वार्ड क्रमांक 12 निवासी अंकित गुप्ता ने इस पहल के संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया कि अक्सर किसी घर के कमाऊ मुखिया (माता या पिता) के असमय चले जाने के बाद परिवार आर्थिक बदहाली से घिर जाता है। ऐसी विषम परिस्थितियों में बेटियों के हाथ पीले करना परिजनों के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाता है। इसी पीड़ा को महसूस करते हुए उन्होंने अपने जन्मदिन को जरूरतमंद बेटियों के सहयोग के रूप में मनाने का संकल्प लिया है।
न कोई जटिल प्रक्रिया, न अर्जी—सिर्फ शादी का कार्ड पहुंचाना होगा
अंकित गुप्ता ने बताया कि इस सहयोग को पूरी तरह पारदर्शी और सहज रखा गया है। इसके लिए किसी लंबी कागजी प्रक्रिया या औपचारिक आवेदन की आवश्यकता नहीं होगी। नगर पालिका क्षेत्र के किसी भी वार्ड में रहने वाले पात्र परिवार को केवल अपनी बेटी के विवाह का निमंत्रण पत्र (कार्ड) उनके निवास स्थान पर पहुंचाना होगा। इसके उपरांत जरूरी औपचारिक पुष्टि के बाद सहयोग सुनिश्चित कर दिया जाएगा।
नकद राशि के बजाय जरूरत की सामग्री का होगा भुगतान
योजना के स्वरूप को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि 15 हजार रुपये की सहायता नकद देने के बजाय वैवाहिक सामग्री के रूप में दी जाएगी। संबंधित परिवार अपनी आवश्यकता व पसंद के अनुसार किसी भी दुकान से शादी का सामान खरीद सकते हैं, जिसका 15 हजार रुपये तक का बिल वे स्वयं चुकाएंगे।
अंकित गुप्ता ने भावुक होते हुए कहा कि असहाय और संकटग्रस्त परिवारों की बेटियों के विवाह में अपने सामर्थ्य अनुसार हाथ बंटाना न केवल एक पुनीत कार्य है, बल्कि हमारा सामाजिक उत्तरदायित्व भी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 15 हजार रुपये की सीमा से शुरू की जा रही इस पहल को भविष्य में और अधिक विस्तृत करने की योजना है, ताकि नगर के अधिक से अधिक असहाय परिवारों तक संबल पहुंच सके।
