अनुशासनहीनता और अनधिकृत प्रेस वार्ता पर बड़ी कार्रवाई: रामानुजगंज मंडी सचिव मालिक राम पोर्ते तत्काल प्रभाव से निलंबित
रामानुजगंज (बलरामपुर)। कृषि उपज मंडी समिति रामानुजगंज के सचिव मालिक राम पोर्ते पर शासन का कड़ा डंडा चला है। छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड ने गंभीर अनुशासनहीनता, उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना और अनधिकृत गतिविधियों के आरोप में पोर्ते को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बोर्ड के प्रबंध संचालक महेंद्र सिंह सावन्नी के हस्ताक्षर से जारी इस सख्त आदेश के सार्वजनिक होने के बाद प्रशासनिक और विभागीय गलियारों में हड़कंप मच गया है।

बिना अनुमति प्रेस वार्ता और प्रबंधन पर बेबुनियाद आरोप
प्रबंध संचालक द्वारा 21 सितंबर को जारी निलंबन आदेश के अनुसार, मंडी सचिव मालिक राम पोर्ते द्वारा सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना सार्वजनिक रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी। इसके अतिरिक्त, उन पर वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा-निर्देशों की खुली नाफरमानी करने, विभागीय प्रबंधन के विरुद्ध मनगढ़ंत व निराधार आरोप लगाने तथा बोर्ड की गरिमा व छवि को धूमिल करने वाले कृत्यों में संलिप्त रहने का सीधा आरोप है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उनका यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों के सर्वथा विपरीत है और इससे विभाग के वैधानिक हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
पिछली पदस्थापना के दौरान भी वित्तीय अनियमितता के आरोप
निलंबन आदेश में उनके पूर्व के सेवाकाल का भी उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार, जयरामनगर में पदस्थापना के दौरान भी पोर्ते पर वित्तीय व कार्यप्रणाली से जुड़ी अनियमितताओं के आरोप लगे थे। जांच और सेवा समीक्षा में उन्हें सौंपे गए दायित्वों के प्रति निष्ठावान और कर्तव्यनिष्ठ नहीं पाया गया। लगातार सामने आ रही प्रशासनिक लापरवाहियों और अनुशासनहीनता को दृष्टिगत रखते हुए बोर्ड प्रबंधन ने उनके विरुद्ध यह सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाया है।
जगदलपुर किया गया अटैच, मिलेगा जीवन निर्वाह भत्ता
निलंबन अवधि के दौरान मालिक राम पोर्ते का मुख्यालय छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन बोर्ड का संभागीय कार्यालय, जगदलपुर (बस्तर) नियत किया गया है। इस अवधि में उन्हें कृषि उपज मंडी समिति रामानुजगंज से नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा तथा वे बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।

