EnvironmentBalrampurChhattisgarhCrime & LawInstitutionalLocal News

बलरामपुर में अवैध इमारती लकड़ी पर शिकंजा: बसेराकला में भारी मात्रा में साल चिरान जब्त, विभागीय जांच तेज

बलरामपुर। अवैध इमारती लकड़ी के कारोबार और वनों के दोहन पर नकेल कसते हुए वन विभाग ने बलरामपुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मानिकपुर सर्किल के बसेराकला गांव में विभागीय अमले ने सर्च वारंट के आधार पर दो अलग-अलग मकानों में दबिश देकर करीब 100 नग अवैध साल चिरान जब्त किया है। बरामद लकड़ी की कुल मात्रा 1.806 घनमीटर आंकी गई है। मामले में दो आरोपियों के खिलाफ वन अपराध का प्रकरण पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

सर्च वारंट जारी कर घरों में दी दबिश

विभागीय सूत्रों के अनुसार, मानिकपुर सर्किल के ग्राम बसेराकला में इमारती लकड़ी के अवैध भंडारण की पुख्ता सूचना मिल रही थी। इस पर संज्ञान लेते हुए विभाग ने 22 सितंबर को बसेराकला निवासी धनी राम (पिता मनोहर) और रामधनी (पिता मनोहर) के आवासीय परिसरों की तलाशी के लिए विधिवत सर्च वारंट जारी किया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दोनों संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। तलाशी के दौरान भारी मात्रा में छिपाकर रखी गई साल की चिरान बरामद हुई, जिसे कब्जे में लेकर सीज कर दिया गया।

भारतीय वन अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध

वन विभाग ने इस मामले में दोनों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33(1)(क) के तहत वन अपराध दर्ज किया है। विभाग द्वारा प्रकरण क्रमांक 22039/14 तथा 23694/10 कायम कर जब्ती की शेष कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

अधिकारियों ने गुरुवार को जानकारी साझा करते हुए बताया कि जब्त साल चिरान की अनुमानित कीमत का मूल्यांकन कराया जा रहा है और मामले में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध वन संरक्षण नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई में शामिल रहा वन अमला

यह पूरी कार्रवाई वनमंडलाधिकारी (DFO) आलोक कुमार बाजपेयी के निर्देशन और उपवनमंडलाधिकारी (SDO) अनिल कुमार सिंह पैकरा के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुई। मौके पर प्रभारी वन परिक्षेत्राधिकारी निखिल सक्सेना के नेतृत्व में टीम ने जब्ती की प्रक्रिया पूरी कराई। इस दौरान वनपाल अनिल कुजूर, प्रहलाद तिवारी, रामकुमार यादव, मथुरा दुबे, सुदायश्री एक्का सहित कई वनरक्षक एवं विभागीय कर्मचारी मुस्तैद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *