वन परिक्षेत्र राजपुर में जंगली हाथी का कहर: महान नदी पार कर रहे ग्रामीण को कुचला, मौके पर ही दर्दनाक मौत
बलरामपुर। बलरामपुर जिले के वन परिक्षेत्र राजपुर अंतर्गत ग्राम परसवारकला में जंगली हाथी के हमले से एक 53 वर्षीय ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई। यह हृदयविदारक घटना मंगलवार रात लगभग 7:05 बजे बरियों उप परिक्षेत्र के बड़खापारा इलाके में उस समय घटी, जब ग्रामीण महान नदी पार कर रहा था। मृतक की शिनाख्त सुटरूंग कौशिक (पिता गोहन्दुल कौशिक) के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

बेटी के घर जा रहे थे, नदी पार करते समय हुआ सामना
वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुटरूंग कौशिक किसी पारिवारिक बात को लेकर क्षुब्ध थे और शराब के नशे की हालत में अपनी बेटी के घर जाने के लिए निकले थे। रास्ते में जैसे ही वे महान नदी पार करने लगे, अचानक उनका आमना-सामना एक जंगली ‘कबरा’ हाथी से हो गया। संभलने का अवसर मिले बिना हाथी ने उन पर हमला कर दिया और बुरी तरह कुचल दिया, जिससे ग्रामीण की मौके पर ही सांसें थम गईं। घटना को अंजाम देने के बाद हाथी रेवतपुर की ओर आगे बढ़ते हुए घने जंगलों में ओझल हो गया।
रात में पहुंची वन टीम, सुबह हुआ पंचनामा
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में हाथियों की ट्रैकिंग और गश्त कर रहे वन अमले के कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थानीय पुलिस को सूचित किया। रात के अंधेरे और सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए अगले दिन बुधवार सुबह पुलिस और वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से घटनास्थल पर पहुंचकर पंचनामा व मर्ग कायम की वैधानिक औपचारिकताएं पूरी कीं। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों ने मौके पर ही शव का परीक्षण किया, जिसके बाद शव अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को सौंप दिया गया।
परिजनों को 6 लाख रुपये की आर्थिक सहायता
वन विभाग के नियमों के तहत मानव क्षति पर दिए जाने वाले 6 लाख रुपये के मुआवजे के अंतर्गत, मृतक की वैध उत्तराधिकारी व पत्नी कुलेश्वरी कौशिक को तत्काल 25 हजार रुपये की फौरी नकद सहायता राशि प्रदान कर दी गई है। शेष 5 लाख 75 हजार रुपये की मुआवजा राशि आवश्यक विभागीय प्रक्रिया और औपचारिकताएं पूर्ण होते ही सीधे बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी।
‘गज संकेत’ ऐप से निगरानी, ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित ग्रामीण अंचलों में हाथियों के दल और सिंगल हाथियों की रियल-टाइम लोकेशन ‘गज संकेत’ ऐप और स्थानीय वाट्सऐप ग्रुप्स के माध्यम से लगातार साझा की जा रही है। वनकर्मियों के साथ ‘हाथी मित्र दल’ के सदस्य रात-दिन गश्त कर लोगों को सतर्क कर रहे हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों से पुरजोर अपील की है कि वे रात के वक्त पगडंडियों और जंगली रास्तों से अकेले आवागमन करने से पूरी तरह बचें, हाथियों की मौजूदगी की स्थिति में भीड़ जमा न करें और वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
