शिक्षक दिवस समारोह से ठीक पहले कार्ड पर संग्राम: 3 अलग-अलग निमंत्रण पत्रों को लेकर भड़के बीजेपी उपाध्यक्ष, शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
बलरामपुर:
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती (शिक्षक दिवस) के अवसर पर शनिवार को जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित जिला स्तरीय समारोह शुरू होने से पहले ही विवादों में घिर गया है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम बतौर मुख्य अतिथि और सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज की अध्यक्षता तय है। लेकिन इस गरिमामय आयोजन की तैयारियों के बीच आमंत्रण पत्र (कार्ड) के वितरण को लेकर बड़ा राजनीतिक बवंडर खड़ा हो गया है।

एक ही कार्यक्रम के 3 अलग कार्ड! सोशल मीडिया पर उठे गंभीर सवाल
बलरामपुर नगरपालिका के भाजपा पार्षद व उपाध्यक्ष दिलीप सोनी ने शिक्षा विभाग द्वारा छापे गए आमंत्रण पत्रों की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक ही आयोजन के लिए जारी किए गए 3 अलग-अलग निमंत्रण पत्रों की तस्वीरें साझा कर विभाग को घेरा। सोनी ने तंज कसते हुए लिखा कि “जो विभाग बच्चों को शिक्षा और संस्कार देने का जिम्मा संभालता है, उसे न्यूनतम प्रोटोकॉल तक का ज्ञान नहीं है।” उन्होंने यह भी सवाल दागा कि क्या यह कोई चूक है या जानबूझकर जनप्रतिनिधियों को नीचा दिखाने का प्रयास?

एक कार्ड से नाम ही गायब, कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी
विवाद की मुख्य वजह यह सामने आई है कि वायरल हो रहे तीन आमंत्रण पत्रों में से एक में नगरपालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी का नाम ही दर्ज नहीं है। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनदेखी और कार्डों में नाम-पद की विसंगतियों को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं में तीव्र असंतोष देखा जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि शासकीय आयोजनों के आमंत्रण पत्रों में गरिमा और एकरूपता का पालन होना ही चाहिए।

शिक्षा विभाग की चुप्पी बरकरार
शिक्षक दिवस जैसे गरिमामय मंच से ठीक पहले उपजे इस ‘कार्ड क्लेश’ ने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। एक ही आयोजन के लिए तीन अलग-अलग श्रेणियों/प्रकार के कार्ड छापने की क्या आवश्यकता पड़ी और नाम क्यों गायब हुए, इस पर शिक्षा विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान या सफाई सामने नहीं आई है। विभाग के रुख के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।
