जलस्तर बढ़ने से टापू पर फंसे थे दंपती समेत तीन लोग; प्रशासन और नगर सेना के गोताखोरों ने मध्यरात्रि सुरक्षित निकाला
बलरामपुर। बलरामपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम कोटपाली-खजुरी में शनिवार को कन्हर नदी के विकराल बहाव के बीच उस वक्त हड़कंप मच गया, जब नदी पार करते समय अचानक जलस्तर बढ़ने से तीन ग्रामीण मझधार में फंस गए। लगातार बढ़ते पानी और तेज बहाव के बीच करीब 14 घंटे तक तीनों ग्रामीणों की सांसें अटकी रहीं। सूचना मिलते ही सक्रिय हुए जिला प्रशासन, पुलिस और नगर सेना के आपदा प्रबंधन दल ने देर रात तक साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

रेस्क्यू किए गए ग्रामीणों में सरजू (पिता लंगड़ा चेरवा), उनकी पत्नी राजकुमारी तथा फूलमनिया (पति बेसर) शामिल हैं। तीनों बलरामपुर जनपद के ही कोटली ग्राम पंचायत अंतर्गत ग्राम परसाटोली के निवासी बताए गए हैं।
सुबह 10 बजे पार कर रहे थे नदी, एकाएक आ गया उफान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीनों ग्रामीण रिश्तेदारी में सामाजिक कार्य के सिलसिले में कोटपाली आए हुए थे। शनिवार सुबह लगभग 10 बजे वे कन्हर नदी पैदल पार कर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान ऊपरी इलाकों में हुई भारी बारिश के चलते नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया और पानी की धार प्रचंड हो गई। संभलने का मौका न मिलने के कारण तीनों नदी के बीच एक ऊंचे हिस्से (टापू) पर फंसकर रह गए। चारों तरफ बहते अथाह पानी के कारण वे किनारे तक पहुंचने में पूरी तरह असमर्थ हो गए। काफी समय बाद जब स्थानीय ग्रामीणों की नजर उन पर पड़ी, तो तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस-प्रशासन को दी गई।
धीरज सिंहदेव ने लिया संज्ञान, अंधेरे में गोताखोरों ने दिखाई बहादुरी
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंहदेव को भी वस्तुस्थिति से अवगत कराया। इसके बाद प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया। शाम ढलते ही नगर सेना (होमगार्ड) के कुशल गोताखोरों की रेस्क्यू टीम विशेष मोटर बोट और सुरक्षा उपकरणों के साथ मौके पर पहुंच गई।
मूसलाधार बारिश के चलते कन्हर का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था और रात का घना अंधेरा रेस्क्यू दल के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। टॉर्च की रोशनी और रस्सियों के सहारे रेस्क्यू टीम ने बेहद सावधानी से उफनती नदी में बोट उतारी। कई घंटों की कड़ी मशक्कत और जोखिम भरे अभियान के बाद शनिवार-रविवार की मध्यरात्रि करीब 12 बजे तीनों ग्रामीणों को सुरक्षित किनारे पर ले आया गया। नदी से सकुशल बाहर निकलते ही परिजनों और तट पर डटे ग्रामीणों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
प्रशासन और रेस्क्यू टीम का जताया आभार, नदी तटों पर न जाने की अपील
सफल रेस्क्यू के बाद जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंहदेव ने कहा कि प्रशासन, नगर सेना के जांबाज गोताखोरों और स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता व आपसी समन्वय से ही इन तीनों अमूल्य जिंदगियों को समय रहते सुरक्षित बचाना संभव हो सका। उन्होंने भारी मानसूनी बारिश और उफनते जलस्रोतों को देखते हुए आम जनता से पुरजोर अपील की है कि वे इस मौसम में उफनती नदियों, नालों और रपटों को पार करने का बिल्कुल भी जोखिम न लें तथा सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें।
