उबका बांध से रिसाव से नीलकंठपुर में दहशत: 100 एकड़ फसल और 15 मकानों पर मंडराया खतरा, लुत्ती हादसे की यादें हुईं ताजा
बलरामपुर (विष्णु पांडेय): लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच रामचंद्रपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत नीलकंठपुर स्थित उबका बांध में निचले हिस्से से रिसाव (सीपेज) शुरू होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश और भय का माहौल है। पानी के लगातार निकल रहे तेज बहाव से ग्रामीणों को बांध टूटने का डर सता रहा है। यदि समय रहते स्थिति पर काबू नहीं पाया गया, तो लगभग 100 एकड़ में लगी फसल जलमग्न हो सकती है और नदी किनारे बसे 10 से 15 मकानों सहित जन-धन को भारी नुकसान पहुँच सकता है।

सूचना मिलने के बाद एसडीएम, तहसीलदार और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुँचकर स्थिति का मुआयना किया है।
घटनाक्रम और मुख्य बिंदु:
- 2017 का इतिहास और प्रशासनिक उपेक्षा: वर्ष 2008 में निर्मित यह बांध 2017 में भी क्षतिग्रस्त हुआ था। उस समय प्रशासन की ओर से मदद न मिलने पर ग्रामीणों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर 2018 में खुद ही मरम्मत कराई थी। इस बार रिसाव पुराने स्थल से कुछ दूरी पर हो रहा है, जिससे ग्रामीणों की चिंता दोगुनी हो गई है।
- निजी प्रयास और पंचायत की लाचारी: मंडल अध्यक्ष राजेंद्र श्रीवास और ग्रामीण सुरेंद्र यादव के अनुसार, पंचायत प्रतिनिधि फंड न होने का हवाला दे रहे हैं। ग्रामीणों ने स्वयं जेसीबी लगाकर रिसाव रोकने का प्रयास किया, जिसमें सरपंच की ओर से मात्र दो हजार रुपये का सहयोग मिलने की बात सामने आई है।
- लुत्ती हादसे का खौफ: पिछले साल सितंबर में बलरामपुर के लुत्ती में 40 साल पुराना बांध टूटने से हुई जनहानि और मवेशियों के बहने की त्रासदी को याद कर ग्रामीण बेहद डरे हुए हैं।
जनता की माँग:
ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि किसी भी बड़ी दुर्घटना का इंतजार किए बिना तत्काल तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भेजकर बांध की स्थाई और मजबूत मरम्मत कराई जाए, ताकि क्षेत्र की कृषि और बस्तियों को सुरक्षित किया जा सके।
