राजपुर में नेशनल हाईवे निर्माण के खिलाफ जन-आक्रोश: ऊंची नाली के विरोध में चक्का जाम, रायपुर से आए अफसरों का घेराव
राजपुर (बलरामपुर): बलरामपुर जिले के राजपुर में नेशनल हाईवे निर्माण कार्य अब विवादों के घेरे में है। सड़क किनारे बनाई जा रही अत्यधिक ऊंची नाली ने स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। गुरुवार को इस समस्या को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया और निरीक्षण के लिए पहुंचे उच्च अधिकारियों का घेराव किया।

घरों और दुकानों की राह में ‘दीवार’ बनी नाली
राजपुर क्षेत्र में चल रहे हाईवे निर्माण के दौरान बनाई जा रही नाली की ऊंचाई स्थानीय लोगों के लिए जी का जंजाल बन गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि नाली को जमीन से 4 से 5 फीट ऊंचा बना दिया गया है। इससे न केवल लोगों के घरों और दुकानों का रास्ता बंद हो गया है, बल्कि रोजमर्रा के आवागमन में भी भारी बाधा आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और निर्माण एजेंसी जनसुविधाओं को ताक पर रखकर काम कर रहे हैं।
गाड़ी से बाहर नहीं निकले अधिकारी, बढ़ा तनाव
गुरुवार को रायपुर से नेशनल हाईवे के वरिष्ठ अधिकारी निर्माण कार्य का जायजा लेने राजपुर पहुंचे थे। अधिकारियों के आगमन की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए और उनके वाहन को रोक लिया। लोग अधिकारियों से नाली की ऊंचाई कम करने की मांग पर चर्चा करना चाहते थे, लेकिन आरोप है कि अधिकारी वाहन से बाहर निकलने को तैयार नहीं हुए।
लगभग आधे घंटे तक चली इस खींचतान के बाद नाराज प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर ही दरी बिछा दी और धरने पर बैठ गए। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने बड़े ‘चक्का जाम’ का रूप ले लिया।
यातायात ठप, पुलिस बल तैनात
चक्का जाम के कारण नेशनल हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन लोग नाली की ऊंचाई कम करने की लिखित गारंटी पर अड़े रहे।
मीडिया से बनाई दूरी
हैरानी की बात यह रही कि जब मौके पर मौजूद मीडियाकर्मियों ने इस अव्यवस्था और जन-आक्रोश पर अधिकारियों की प्रतिक्रिया जाननी चाही, तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया और वाहन के शीशे बंद कर लिए। अधिकारियों के इस अड़ियल रवैये ने आग में घी डालने का काम किया, जिससे स्थानीय लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।
ताजा स्थिति: प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता का दौर जारी है, लेकिन समाधान नहीं निकलने तक ग्रामीणों ने अपना विरोध जारी रखने की चेतावनी दी है। फिलहाल इलाके में तनाव बरकरार है।
