बलरामपुर में भीषण गर्मी का तांडव: 40 डिग्री पहुंचा पारा, आज से स्कूलों में छुट्टी घोषित
बलरामपुर-रामानुजगंज: छत्तीसगढ़ के उत्तरी छोर पर स्थित बलरामपुर जिले में सूर्य देव के तीखे तेवरों ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। अप्रैल के महीने में ही मई-जून जैसी तपिश का अहसास होने लगा है। भीषण गर्मी और झुलसाने वाली लू (हीटवेव) को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर 20 अप्रैल से स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा कर दी है।
दोपहर में सड़कों पर पसरा सन्नाटा

जिले में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री के आसपास बना हुआ है। सुबह 10 बजे के बाद से ही गर्म हवाएं चलना शुरू हो जाती हैं, जिसके कारण दोपहर के समय मुख्य मार्ग और बाजार सूने नजर आ रहे हैं। गर्मी का आलम यह है कि घरों और दफ्तरों में लगे कूलर-पंखे भी अब गर्म हवा फेंकने लगे हैं, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है।
बदल गई लोगों की दिनचर्या
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस साल गर्मी ने समय से पहले ही रौद्र रूप धारण कर लिया है। लोग अब अपने जरूरी काम या तो तड़के सुबह निपटा रहे हैं या फिर शाम ढलने का इंतजार करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग खेतों में जाने से परहेज कर रहे हैं।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की अपील
बढ़ते तापमान और लू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ‘एडवाइजरी’ जारी की है:
- हाइड्रेशन: दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी या ओआरएस (ORS) का घोल पिएं।
- सावधानी: दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच अनावश्यक बाहर न निकलें। यदि निकलना जरूरी हो, तो सिर को कपड़े या छाते से ढंककर रखें।
- आहार: हल्के और सुपाच्य भोजन का सेवन करें।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। तापमान में अभी और बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे स्थितियां और भी चुनौतीपूर्ण होने की आशंका है।
