प्रशासनिक मुस्तैदी: भीषण गर्मी में भी नहीं प्यासा रहेगा रामानुजगंज, कन्हर नदी में जल संवर्धन कार्य शुरू
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की जीवनदायिनी कन्हर नदी अप्रैल महीने की भीषण गर्मी के कारण सूखने की कगार पर पहुंच चुकी है। इससे नगर पालिका क्षेत्र में पेयजल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है।
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मुस्तैद प्रशासन

शहर की लगभग 25 हजार की आबादी को जल संकट से बचाने के लिए कन्हर नदी का प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी बावली खुदाई कराई जा कर जल आपूर्ति के लिए सारा अमला लगा है। प्रशासनिक टीम और जेसीबी मशीनें नदी के बीचों-बीच डबरियों का निर्माण कर रही हैं, ताकि रेतीली सतह के नीचे उपलब्ध जल को संचित कर उसे इंटकवेल तक पहुँचाया जा सके।
निर्बाध जल आपूर्ति के लिए ठोस कदम
नगर पालिका सीएमओ सुधीर कुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर गिरने से पाइपलाइन के माध्यम से पानी की सप्लाई मुश्किल हो रही थी। उन्होंने कहा:
“डबरी और बावली खुदाई का काम इसलिए कराया जा रहा है जिससे निर्बाध रूप से शहर के सभी वार्डों में पेयजल की सप्लाई की जा सके। हमारा उद्देश्य है कि भीषण गर्मी में भी नागरिकों को दैनिक जरूरतों के लिए पानी की किल्लत न हो।”
बेजुबान पशु-पक्षियों का रखा जा रहा ध्यान
कन्हर नदी का पानी सूखने से न केवल इंसान, बल्कि मवेशी और पशु-पक्षी भी प्यास बुझाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा कराई जा रही इस खुदाई से बनने वाली डबरियां इन बेजुबानों के लिए भी जीवनदान साबित होंगी। नदी किनारे बसे ग्रामीणों के लिए भी यह पहल बड़ी राहत लेकर आई है।
संकट से पहले समाधान की मिसाल
रामानुजगंज प्रशासन की यह कार्यशैली दर्शाती है कि यदि समय रहते संसाधनों और अमले को सही दिशा में लगा दिया जाए, तो भीषण प्राकृतिक चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। जहाँ एक ओर जलस्तर गिरने से चिंता बढ़ी थी, वहीं प्रशासन की इस त्वरित और सकारात्मक पहल ने नगरवासियों को आश्वस्त कर दिया है।
