बलरामपुर में गहराया ईंधन संकट: डीलर्स ने प्रशासन से लगाई गुहार
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में पेट्रोल और डीजल की किल्लत को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय पेट्रोलियम डीलर्स ने आगामी संकट की चेतावनी देते हुए प्रशासन को आगाह किया है कि यदि आपूर्ति में तुरंत सुधार नहीं हुआ, तो जिले की परिवहन व्यवस्था, खेती-किसानी और उद्योगों पर इसका बुरा असर पड़ेगा।

एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
ईंधन की भारी कमी को देखते हुए डीलर्स के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को रामानुजगंज एसडीएम आनंदराम नेताम से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। डीलर्स का कहना है कि सप्लाई चैन में आ रही बाधाओं के कारण जिले के अधिकांश पेट्रोल पंप अब ‘ड्राई’ (खाली) होने की स्थिति में आ गए हैं।
संकट के संभावित प्रभाव
डीलर्स ने ज्ञापन के माध्यम से कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित किया है:
- कोयला परिवहन: बलरामपुर एक प्रमुख कोयला बेल्ट है। डीजल की कमी से खदानों से कोयले की ढुलाई करने वाले ट्रक थम सकते हैं, जिसका सीधा असर पावर प्लांट्स और बिजली उत्पादन पर पड़ेगा।
- कृषि क्षेत्र: वर्तमान में खेती और सिंचाई कार्यों के लिए डीजल की मांग काफी अधिक है। ईंधन न मिलने से किसानों के सामने नई मुसीबत खड़ी हो गई है।
- मौसमी मांग: शादियों का सीजन, राइस मिलिंग और निर्माण कार्य अपनी चरम सीमा पर हैं, जिससे बाजार में तेल की खपत अचानक बढ़ गई है।
कंपनियों पर आरोप और प्रशासन का रुख
पेट्रोलियम विक्रेताओं ने IOCL, BPCL और HPCL जैसी बड़ी तेल कंपनियों पर पर्याप्त आपूर्ति न करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि टैंकरों की संख्या कम होने से यह समस्या विकराल हुई है।
“प्रशासन की प्रतिक्रिया” रामानुजगंज एसडीएम आनंदराम नेताम ने ज्ञापन मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि डीलर्स ने अतिरिक्त टैंकरों की मांग की है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक सामान्य जनता की ओर से तेल की कमी को लेकर कोई बड़ी शिकायत नहीं आई है। एसडीएम ने भरोसा दिलाया है कि प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है और आम जनता को असुविधा न हो, इसके लिए उच्चाधिकारियों से समन्वय किया जा रहा है।
फिलहाल, बलरामपुर में प्रशासन और डीलर्स के बीच संवाद जारी है, लेकिन आने वाले समय में ईंधन की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।


