ChhattisgarhBalrampurEducationLocal NewsRamanujganj

बलरामपुर के किसान पुत्र ब्रजेश प्रजापति ने रचा इतिहास: व्यापमं सब ऑडिटर परीक्षा में पूरे छत्तीसगढ़ में हासिल किया दूसरा स्थान

बलरामपुर:

कहावत है कि “परिस्थितियाँ चाहे जैसी भी हों, यदि इरादे बुलंद हों तो सफलता कदम चूमती ही है।” इस बात को चरितार्थ कर दिखाया है बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत भंवरमाल (धनपुरी) निवासी ब्रजेश कुमार प्रजापति ने। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (सीजी व्यापमं) द्वारा आयोजित सब ऑडिटर परीक्षा में ब्रजेश ने संपूर्ण छत्तीसगढ़ में द्वितीय स्थान (प्रदेश में Rank 2) प्राप्त कर पूरे जिले को गौरवान्वित किया है।

व्यापमं परीक्षा परिणाम: महज 0.250 अंक से चुके टॉपर बनने से

सीजी व्यापमं द्वारा 5 जुलाई 2026 को राज्य भर में सब ऑडिटर परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम 30 जुलाई को जारी किया गया।

  • ब्रजेश का प्राप्तांक: ब्रजेश ने 89.000 अंक हासिल कर प्रदेश में दूसरा और बलरामपुर जिले में पहला (जिला टॉपर) स्थान प्राप्त किया।
  • टॉपर से अंतर: परीक्षा में हर्षवर्धन सिंह 89.250 अंकों के साथ राज्य में प्रथम स्थान पर रहे। ब्रजेश मात्र 0.250 अंकों के सूक्ष्म अंतर से राज्य में शीर्ष स्थान हासिल करने से चूक गए।

सीमित संसाधन, असीमित लगन: सेल्फ स्टडी से पाई सफलता

एक सामान्य किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले ब्रजेश तीन भाइयों में सबसे बड़े हैं। उनके पिता रामावतार प्रजापति खेती-किसानी के जरिए परिवार का भरण-पोषण करते हैं।

  • शिक्षा: ब्रजेश ने रामानुजगंज के लरंगसाय पीजी कॉलेज से बीकॉम (B.Com) की पढ़ाई पूरी की है।
  • तैयारी का तरीका: बिना किसी बड़े कोचिंग संस्थान या महंगे संसाधनों के, ब्रजेश ने घर पर रहकर ‘सेल्फ स्टडी’ (स्व-अध्ययन) को ही अपना मुख्य हथियार बनाया और यह ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की।

“सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को”

अपनी उपलब्धि पर ब्रजेश ने कहा, “यह सफलता मेरे माता-पिता के त्याग, गुरुजनों के मार्गदर्शन और निरंतर कड़ी मेहनत का परिणाम है। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास सच्चे हों, तो गांव-कस्बों में रहकर भी बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं।”

ग्रामीण युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत

ब्रजेश की यह सफलता उन सभी विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए एक मिसाल है जो संसाधनों की कमी को अपनी कमजोरी मान लेते हैं। उन्होंने साबित कर दिखाया है कि बड़े शहरों या महंगे कोचिंग संस्थानों के बिना भी दृढ़ संकल्प के बल पर राज्य स्तर की प्रतिष्ठित परीक्षाओं में शीर्ष स्थान प्राप्त किया जा सकता है।

उनकी इस उपलब्धि पर परिवार, भंवरमाल गांव और संपूर्ण बलरामपुर जिले में जश्न का माहौल है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *