रामानुजगंज: हाईकोर्ट के फैसले से मिले DEO कार्यालय के अस्तित्व पर फिर उठे सवाल, बदहाली और कलेक्ट्रेट की चमक-दमक के बीच गरमाया विवाद
रामानुजगंज : जिस जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय को रामानुजगंज में स्थापित कराने के लिए स्थानीय नागरिकों ने वर्षों संघर्ष किया और मामला बिलासपुर हाईकोर्ट तक पहुंचा, उसी कार्यालय के अस्तित्व को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक व राजनीतिक हलकों में सरगर्मी तेज हो गई है। हाल ही में सोशल मीडिया पर सामने आई दो तस्वीरों ने इस विवाद को फिर हवा दे दी है—एक तरफ बलरामपुर कलेक्ट्रेट में सर्वसुविधायुक्त, अत्याधुनिक साज-सज्जा वाला डीईओ कार्यालय, तो दूसरी तरफ रामानुजगंज में जर्जर खपड़ैल छत वाला बदहाल दफ्तर, जहां बारिश में पानी टपकता है और बाहर पदनाम का बोर्ड तक गायब है।

हाईकोर्ट की दहलीज से मिली थी रामानुजगंज को ऐतिहासिक जीत
अविभाजित सरगुजा के समय जब डीईओ कार्यालय अंबिकापुर से संचालित होता था, तब रामानुजगंजवासियों ने इसे अपने क्षेत्र का अधिकार मानते हुए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी थी। अंततः हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद कार्यालय को रामानुजगंज स्थानांतरित किया गया था। लेकिन वर्ष 2012 में बलरामपुर-रामानुजगंज जिला बनने के बाद प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बलरामपुर बनता गया और यह महत्वपूर्ण दफ्तर धीरे-धीरे दो हिस्सों में बंटकर संचालित होने लगा।

दस्तावेज शिफ्टिंग की आशंका से उपजा जनआक्रोश
प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव के कार्यभार संभालने के बाद जब रामानुजगंज दफ्तर से फाइलों को बलरामपुर ले जाने की भनक लगी, तो स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रशासनिक बैठक में अधिकारियों ने स्थानांतरण की खबरों को भ्रामक बताकर मामला शांत तो कराया, लेकिन रामानुजगंज दफ्तर की निरंतर उपेक्षा ने लोगों की आशंकाओं को और गहरा कर दिया है।
उपेक्षा या स्थानांतरण की पटकथा?
स्थानीय नागरिकों का सीधा सवाल है कि यदि कार्यालय को यहीं संचालित करना है, तो इसके सुदृढ़ीकरण और मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा? रामानुजगंज दफ्तर को धीरे-धीरे निष्प्रभावी बनाकर पूरे कामकाज को बलरामपुर से संचालित करने की मंशा पर अब खुलकर सवाल उठ रहे हैं।
कलेक्टर ने दिए जांच के संकेत
इस पूरे संवेदनशील मामले पर कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने संज्ञान लेते हुए कहा, “यदि इस संबंध में माननीय हाईकोर्ट का कोई पूर्व आदेश है, तो बलरामपुर से कार्यालय का संचालन किस स्थिति में हो रहा है, इसकी पूरी जानकारी मंगाई जाएगी। इसके साथ ही, यदि जिला शिक्षा अधिकारी रामानुजगंज स्थित कार्यालय में नियमित रूप से बैठकर कर्तव्यों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं, तो इस पर कड़ी संज्ञान लेते हुए वस्तुस्थिति की जांच कराई जाएगी।”
वर्षों के संघर्ष और कानूनी लड़ाई से स्थापित हुए इस दफ्तर के भविष्य पर अब पूरे नगर की नजरें जिला प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
