रामानुजगंज के प्राचीन श्रीराम मंदिर में सजकर तैयार हुआ कृष्ण जन्मोत्सव, 15 साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग
रामानुजगंज : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर बलरामपुर जिले का रामानुजगंज नगर भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आ रहा है। कन्हर नदी के तट पर स्थित प्राचीन श्रीराम मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर परिसर को भव्य लाइटिंग और आकर्षक सजावट से संवारा गया है।

मध्यरात्रि 11.57 बजे से शुरू होगा जन्मोत्सव का मुख्य मुहूर्त
मंदिर के पुजारी यशपाल दुबे के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 11 बजे से स्थानीय भजन मंडली द्वारा भक्तिमय भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। हिंदू पंचांग के मुताबिक, मध्यरात्रि 11:57 बजे से 12:43 बजे तक (कुल 43 मिनट) भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव और बाल स्वरूप ‘लड्डू गोपाल’ के पूजन का विशेष शुभ मुहूर्त रहेगा। इसी समयावधि में शंखध्वनि और महाआरती के साथ प्रभु का जन्म कराया जाएगा।
15 साल बाद ग्रहों-नक्षत्रों का अद्भुत संयोग
द्विक पंचांग के अनुसार, इस बार जन्माष्टमी पर अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का एक साथ मिलना बेहद खास माना जा रहा है। मान्यता है कि पौराणिक काल में द्वापर युग में भगवान श्रीहरि का अवतार भी इन्हीं नक्षत्रों में हुआ था। लगभग 15 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद बन रहे इस दुर्लभ संयोग के साथ हर्षण, बुधादित्य, हंस और मालव्य योग का भी निर्माण हो रहा है, जो पूजा-अर्चना के फल को कई गुना बढ़ा देता है।

साफ-सफाई और व्यापक इंतजाम
जन्माष्टमी पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए रामानुजगंज नगरपालिका की टीम द्वारा मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया है।
पुजारी यशपाल दुबे ने बताया कि प्राचीन श्रीराम मंदिर में यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और नगरवासी इस पावन बेला का बेसब्री से इंतजार करते हैं। मध्यरात्रि में जन्मोत्सव के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा।
