बदलते मौसम से रामानुजगंज में बीमारियों का हमला: 100 बिस्तर अस्पताल की OPD फुल, रोजाना पहुंच रहे 350 मरीज; स्वाइन फ्लू को लेकर सतर्कता की दरकार
रामानुजगंज / बलरामपुर : मौसम के लगातार बदलते मिजाज और तापमान में उतार-चढ़ाव का सीधा असर अब जनजीवन और स्वास्थ्य पर दिखने लगा है। दिन में तेज उमस व गर्मी और शाम होते ही झमाझम बारिश के कारण लोग तेजी से मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। रामानुजगंज स्थित 100 बिस्तर अस्पताल की ओपीडी (OPD) में मरीजों की कतारें लग रही हैं। हर दिन औसतन 300 से 350 मरीज सर्दी, खांसी, बुखार और वायरल फीवर की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में पांव पसार रहा स्वाइन फ्लू (H1N1)
एक तरफ मौसमी बीमारियों का प्रकोप है, तो दूसरी तरफ प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी से इजाफा दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 8 सितंबर को जहां प्रदेशभर में स्वाइन फ्लू के 298 एक्टिव मरीज थे, वहीं 9 सितंबर तक यह आंकड़ा बढ़कर 344 पहुंच गया—यानी महज 24 घंटे के भीतर 46 नए पॉजिटिव मरीज सामने आए। रायपुर (19), महासमुंद (10), बिलासपुर (3), कोरबा (2) सहित दुर्ग, रायगढ़, मुंगेली, राजनांदगांव और सरगुजा में एक-एक नए मरीज की पुष्टि हुई है।

झारखंड सीमा से सटा रामानुजगंज: गोदरमाना बॉर्डर पर सतर्कता आवश्यक
रामानुजगंज और बलरामपुर जिला पड़ोसी राज्य झारखंड की सीमा (गोदरमाना) से सटा हुआ है। हालांकि बलरामपुर जिले में अब तक स्वाइन फ्लू का कोई भी पॉजिटिव मामला सामने नहीं आया है, लेकिन झारखंड में बढ़ते मामलों को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष एहतियात बरतने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य फ्लू और स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण (सर्दी, खांसी, तेज बुखार) एक जैसे होते हैं, इसलिए बिना चिकित्सकीय जांच के अंतर करना मुश्किल है।

चिकित्सक की सलाह: लक्षण दिखते ही कराएं जांच
100 बिस्तर अस्पताल रामानुजगंज के चिकित्सा अधिकारी डॉ. सकिंदर गुप्ता ने बताया, “अस्पताल में रोजाना 300 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। मौसम में बदलाव के दौरान रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। लोगों को सलाह है कि वे उबला या गर्म पानी पीएं। सांस के जरिए फैलने वाले H1N1 संक्रमण से बचाव के लिए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें और लक्षण दिखने पर खुद से दवा लेने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर से परामर्श लें।”
