विजयनगर हायर सेकेंडरी स्कूल में मधुमक्खियों का तांडव: लंच के दौरान 11 छात्र और 2 शिक्षक घायल, 4 छात्राओं की हालत गंभीर
रामानुजगंज (बलरामपुर)। रामानुजगंज विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विजयनगर में सोमवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई, जब लंच ब्रेक के दौरान अचानक मधुमक्खियों के एक बड़े झुंड ने विद्यार्थियों और शिक्षकों पर हमला बोल दिया। इस अचानक हुए हमले में 11 छात्र-छात्राएं और 2 शिक्षक डंक लगने से घायल हो गए। घटना के फौरन बाद स्कूल के व्याख्याता (लेक्चरर) वेणुधर सिधार एवं अन्य शिक्षकों की मदद से सभी घायलों को तत्काल रामानुजगंज स्थित 100 बिस्तर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने मुस्तैदी से इलाज शुरू किया।

लंच के दौरान अचानक हुआ हमला
स्कूल के लेक्चरर वेणुधर सिधार ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि दोपहर करीब 1:30 बजे भोजनावकाश (लंच टाइम) हुआ था। बच्चे और शिक्षक परिसर में मौजूद थे, तभी अचानक कहीं से मधुमक्खियों का आक्रामक झुंड आया और सीधे बच्चों पर टूट पड़ा। संभलने का मौका मिलने से पहले ही कई बच्चे और उन्हें बचाने दौड़े दो शिक्षक चपेट में आ गए।
4 छात्राओं की हालत नाजुक, बलरामपुर रेफर
रामानुजगंज अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉ. रुक्मणि एवं डॉ. शालिनी ने घायलों को तुरंत आपातकालीन चिकित्सा उपलब्ध कराई। प्राथमिक उपचार के दौरान चार छात्राओं के शरीर पर अत्यधिक डंक लगने और स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर व गहन चिकित्सा के लिए एंबुलेंस से जिला अस्पताल बलरामपुर रेफर कर दिया गया। रेफर की गई छात्राओं में कक्षा 10वीं की छात्रा समीदा खातून, नंदिनी कुशवाहा, आफरीन अहमान खातून और अफरीना खातून शामिल हैं। शेष घायलों का इलाज रामानुजगंज अस्पताल में जारी है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

अस्पताल पहुंचे प्रशासनिक व शिक्षा विभाग के आला अधिकारी
स्कूल में मधुमक्खियों के हमले और बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया। रामानुजगंज एसडीएम आनंद राम नेताम, तहसीलदार मनोज पैकरा, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. महेश गुप्ता तथा रामचंद्रपुर बीईओ विजय कुशवाहा तत्काल अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने वार्डों में जाकर पीड़ित बच्चों व शिक्षकों का हालचाल जाना तथा डॉक्टरों से उपचार और दवाइयों की व्यवस्था को लेकर विस्तृत जानकारी ली। एसडीएम ने चिकित्सकों को घायलों की निगरानी और समुचित इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
