छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में सनसनीखेज मामला: चार महीने पहले हुई थी शादी, दहेज प्रताड़ना से तंग आकर नवविवाहिता ने तालाब में दी जान; पति और ससुर गिरफ्तार
बलरामपुर: जिले के सनावल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सेमरवा में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ शादी के महज चार महीने बाद ही 19 वर्षीय संगीता यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुरुआती जाँच में मृतका के तालाब में डूबने से जान देने की बात सामने आई है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के पति और ससुर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार यह पूरा मामला दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए मजबूर करने से जुड़ा हुआ है।

घटना का विवरण पुलिस द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, यह घटना 9 सितंबर की है। संगीता दोपहर करीब दो बजे घर से घास काटने के लिए पियाह नाला की तरफ गई थी। जब वह देर शाम तक घर वापस नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। काफी तलाश के बाद गांव के पास स्थित एक छोटी बाउली (तालाब) में जाल (झगड़) डालकर खोजबीन की गई, जहां संगीता का शव जाल में फंसा हुआ बरामद हुआ। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों ने तुरंत सनावल थाने में इसकी जानकारी दी।
कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुई जांच घटना के बाद कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में मर्ग पंचनामा की कार्रवाई पूरी की गई। मर्ग जाँच के दौरान पुलिस ने मृतका के परिजनों और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए। पुलिस की शुरुआती जाँच में यह बात खुलकर सामने आई कि शादी के महज़ एक महीने बाद से ही पति और ससुराल पक्ष के लोग संगीता को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे थे। ससुराल वाले दहेज में फ्रिज, वॉशिंग मशीन और अंगूठी न मिलने को लेकर उसे लगातार ताने देते और परेशान करते थे। इसी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से तंग आकर संगीता ने तालाब में कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
पिता ने लगाए गंभीर आरोप संगीता के पिता गंगा यादव ने मीडिया को दिए अपने बयान में ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी के साथ लगातार मारपीट की जाती थी। दहेज में फ्रिज और वॉशिंग मशीन न मिलने के कारण उसका पति उससे बेहद नाराज रहता था। पिता ने यह भी बताया कि जब वे रक्षाबंधन के त्योहार पर अपनी बेटी से मिलने गए थे, तब भी उसके साथ मारपीट किए जाने की बात सामने आई थी। उन्होंने अपनी बेटी की मौत के पीछे पति का हाथ होने और उसे प्रताड़ित करने का संदेह जताया था।
पुलिस ने दर्ज किया मामला और की गिरफ्तारी मर्ग जाँच के दौरान प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध पाए जाने पर सनावल थाने में अपराध क्रमांक 57/2026 दर्ज किया गया। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80 और 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है। विवेचना के आधार पर मृतका के पति दिलीप कुमार यादव (26 वर्ष) और ससुर सुरेश यादव (53 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम सेमरवा को मुख्य आरोपी बनाया गया।
पुलिस ने नियमानुसार दोनों आरोपियों को उनकी गिरफ्तारी के कारणों से अवगत कराने के बाद 12 सितंबर को विधिवत गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को आधार बनाकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार घटना के तुरंत बाद संगीता के शव का रामानुजगंज स्थित सौ बिस्तर अस्पताल में तीन डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया था। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी प्रक्रिया की फोटोग्राफी भी करवाई गई थी। डॉक्टरों के मुताबिक, मौत के वास्तविक कारणों की अंतिम रिपोर्ट फॉरेंसिक लैब (FSL) से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही जारी की जाएगी।
इस पूरी संवेदनशील कार्रवाई को अंजाम देने में एसडीओपी बाजीलाल सिंह, सनावल थाना प्रभारी निरीक्षक बृजलाल भारद्वाज, सहायक उपनिरीक्षक गौटिया राम मरावी, सहायक उपनिरीक्षक कपिल साय, आरक्षक प्रेमलाल कुजूर और आरक्षक अमृत सोनवानी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
