बलरामपुर में युवाओं को स्टार्टअप और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कार्यशाला आयोजित, कलेक्टर ने कहा– ‘युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें’
बलरामपुर : जिले के युवाओं को नवाचार, उद्यमिता एवं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में संचालनालय तकनीकी शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार शासकीय पॉलीटेक्निक रामानुजगंज में ‘‘वन इंस्टिट्यूशन, वन स्टार्टअप’’ के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक संस्था में स्टार्टअप, इंटरप्रेन्योरशिप और इनोवेशन कल्चर को बढ़ावा देना है।

उचित मंच और मार्गदर्शन से साकार होगा आत्मनिर्भर भारत का संकल्प कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने इस पहल के संबंध में कहा कि जिले के प्रतिभाशाली युवाओं में विचारों और नवाचार की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें उचित मंच, मार्गदर्शन और संबल प्रदान करने की है। उन्होंने तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे केवल नौकरी के आकांक्षी न रहें, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी बनकर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करें। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को स्थानीय आवश्यकताओं और संभावनाओं के अनुरूप नवाचारी समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया तथा शासन की स्वरोजगार एवं स्टार्टअप संबंधी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक युवा इनका लाभ उठा सकें।
विशेषज्ञों ने दी स्टार्टअप योजनाओं की जानकारी कार्यशाला में संस्था के प्राचार्य डॉ. एस.पी. मिश्रा के मार्गदर्शन में छात्र-छात्राओं को स्टार्टअप संबंधी विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही संस्था स्तर पर स्टार्टअप, इंटरप्रेन्योरशिप एवं इनोवेशन सेल की स्थापना के संबंध में भी आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इस अवसर पर जिला रोजगार विभाग बलरामपुर के मैनेजर श्री कुशल प्रसाद सिंह ने विद्यार्थियों को नवाचार और स्टार्टअप के लिए संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी और उन्हें इस क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित किया।
तीन समूहों में बंटे छात्र, स्थानीय समस्याओं के समाधान पर होगा काम कार्यशाला के दौरान सिविल, इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल विभाग के विभागाध्यक्षों, व्याख्याताओं तथा छात्र-छात्राओं के तीन अलग-अलग समूह गठित किए गए।
- प्रथम चरण: इसके तहत प्रत्येक समूह वास्तविक जीवन से जुड़ी उन समस्याओं की पहचान करेगा, जो स्थानीय समुदाय की आवश्यकताओं, उद्योगों, तकनीक और उभरते क्षेत्रों से जुड़ी हों। इसके बाद इन समस्याओं के लिए नवाचारी एवं व्यावहारिक समाधान विकसित किए जाएंगे।
- द्वितीय चरण: इस चरण में छात्र-छात्राएं अपने स्टार्टअप आइडिया का प्रस्तुतीकरण देंगे।
इस पूरी पहल का मुख्य उद्देश्य संस्था स्तर पर एक विशिष्ट आइडिया विकसित करना है, जिसके लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार की गई है। यह महत्वपूर्ण पहल स्थानीय स्तर पर छात्र-छात्राओं को केवल पारंपरिक नौकरियों तक सीमित न रहकर, स्वयं का उद्योग स्थापित करने की दिशा में सोचने और भविष्य में उद्यमिता की राह चुनने के लिए प्रेरित करेगी।
