रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में तस्करी की कोशिश नाकाम: 1.71 लाख रुपये की साल की लकड़ी लदी महिंद्रा वीरो जब्त, तस्कर फरार
रामानुजगंज (बलरामपुर)। रामानुजगंज वन परिक्षेत्र अंतर्गत बगरा सर्किल के पलगी बीट में वन अमले ने मुस्तैदी दिखाते हुए कीमती साल की इमारती लकड़ी की तस्करी के एक बड़े प्रयास को विफल कर दिया। लकड़ी लोड कर परिवहन की तैयारी में खड़े महिंद्रा वीरो वाहन को वन विभाग ने जंगल के भीतर से घेराबंदी कर जब्त कर लिया। वाहन से 1,71,448 रुपये मूल्य के साल के 5 विशाल लट्ठे (मात्रा 2.299 घनमीटर) बरामद किए गए हैं। हालांकि, दबिश के दौरान मुख्य तस्कर चकमा देकर मौके से भागने में कामयाब रहा।

खीरे के नाम पर बुलाई गाड़ी, लादने लगे साल के लट्ठे
विभागीय जानकारी के अनुसार, घटना 20 सितंबर को कक्ष क्रमांक 794 के घने जंगल में घटी। तस्कर ने महिंद्रा वीरो वाहन के चालक को जंगल से खीरा लोड करने का झांसा देकर बुलाया था। जैसे ही वाहन जंगल के भीतर पहुंचा, खीरे की आड़ में वहां पहले से अवैध रूप से काटकर रखे गए साल के भारी लट्ठों को लादा जाने लगा। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्राधिकारी डॉ. दिलरुबा ए. बानो के नेतृत्व में वन अमले ने तत्काल मौके के लिए कूच किया।
घेराबंदी देख भागा आरोपित, वाहन व वनोपज जब्त
वन विभाग के कर्मचारियों को अचानक सामने देख लकड़ी लोड करवा रहा व्यक्ति घने जंगलों की आड़ लेकर फरार हो गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर लकड़ी लोड स्थिति में खड़े महिंद्रा वीरो वाहन (क्रमांक UP64 CT/3581) को अपने कब्जे में ले लिया। जांच उपरांत 2.299 घनमीटर साल की लकड़ी और प्रयुक्त वाहन को विधिवत जब्त कर लिया गया।
विभिन्न वन धाराओं के तहत अपराध दर्ज
विभाग ने इस मामले में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 20954/16 (दिनांक 20 सितंबर 2026) पंजीबद्ध किया है। आरोपित के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33(1)(क) व धारा 52, छत्तीसगढ़ वन उपज एवं व्यापार (विनियमन) अधिनियम 1969 की धारा 5(1) तथा छत्तीसगढ़ वनोपज अभिवहन नियम 2001 के नियम 22(1) के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
यह संपूर्ण कार्रवाई वनमंडलाधिकारी (DFO) आलोक कुमार बाजपेयी के निर्देशन, उपवनमंडलाधिकारी (SDO) अनिल कुमार सिंह पैकरा के मार्गदर्शन और रेंजर डॉ. दिलरुबा ए. बानो के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुई। टीम में उपवनक्षेत्रपाल मतिन अहमद अंसारी, वनपाल दयाशंकर सिंह, विजय वर्मन, वनरक्षक कृष्ण कुमार पैकरा, नरेश कुमार, राजनाथ सिंह, अनेश्वर राजवाड़े एवं अनुराग तिवारी सक्रिय रूप से शामिल रहे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने और अवैध परिवहन करने वालों के विरुद्ध सघन गश्त और सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
