द्वितीय चरण की द्वितीय बैठक: छतरपुर (गांधी आश्रम) में वैचारिक शून्यता को भरने के लिए ‘ज्ञान केंद्र’ की स्थापना पर मंथन
छतरपुर (मध्य प्रदेश) | ज्ञान यज्ञ परिवार के तत्वाधान में संचालित ‘लोक स्वराज यात्रा’ अपने द्वितीय चरण में आज छतरपुर जिले पहुंची। यहाँ के ऐतिहासिक गांधी स्मारक में एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें वैचारिक क्रांति और व्यवस्था परिवर्तन के संकल्प को और मजबूती मिली। इस अवसर पर सर्वसम्मति से ‘गांधी आश्रम ज्ञान केंद्र’ की स्थापना का निर्णय लिया गया।
वैचारिक शून्यता को भरने का संकल्प

बैठक में समाज में व्याप्त वैचारिक शून्यता पर विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने जोर दिया कि समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए ज्ञान केंद्रों का होना अनिवार्य है। इन केंद्रों के माध्यम से न केवल शिक्षा बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के विभिन्न पहलुओं पर नियमित विचार-मंथन और विमर्श किया जाएगा।
प्रयासों की सराहना
बैठक में उपस्थित सभी प्रबुद्ध जनों ने ‘मार्गदर्शक सामाजिक शोध संस्थान’ द्वारा लोक स्वराज की स्थापना (ज्ञान केंद्र) हेतु किए जा रहे प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की। उपस्थित साथियों ने विश्वास जताया कि यह यात्रा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोकतांत्रिक मूल्यों को पुनः जागृत करने में सफल होगी। बैठक में मुख्य रूप से श्री पंकज पहारिया, श्री शिव सहाय सिंह, श्री दीपक कुमार सक्सेना, मनीष रिछारिया, मुन्नालाल जोशी, प्रभात तिवारी, रामेश्वर दयाल सोनी, दमयंती जी, नीलम पांडे, शंकर लाल सोनी, पवन जी, सेवाराम पाल जी, अशोक पटौरिया जी, श्रीकांत मिश्रा जी उपस्थित रहे:
इनके साथ ही शहर के अन्य कई प्रबुद्ध नागरिकों ने भी चर्चा में भाग लिया और लोक स्वराज के अभियान को गति देने का संकल्प लिया।
