अंबिकापुर हत्याकांड: हैवानियत ने पार की सारी हदें, निर्भया कांड जैसी क्रूरता से दहला शहर
अंबिकापुर (छत्तीसगढ़): शहर के रिंग रोड इलाके में एक ऐसी वीभत्स घटना घटी है जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। एक 45 वर्षीय महिला के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे प्रदेश में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। इस मामले की गंभीरता और बर्बरता को देखते हुए इसकी तुलना दिल्ली के चर्चित ‘निर्भया कांड’ से की जा रही है।

वारदात का खौफनाक मंजर
शुक्रवार की सुबह कोतवाली थाना क्षेत्र के महामाया गेट के पास स्थित एक मटन की दुकान में महिला का लहूलुहान शव मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस की शुरुआती जांच में जो खुलासे हुए वे रोंगटे खड़े कर देने वाले थे:

- अत्यंत क्रूरता: महिला के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई। अपराधी ने उसके निजी अंगों में प्लास्टिक की बोतल ठूंस दी थी।
- पहचान मिटाने की कोशिश: मृतका का चेहरा पत्थरों से बुरी तरह कुचल दिया गया था ताकि उसकी शिनाख्त न हो सके। हालांकि, बाद में उसकी पहचान लखनपुर निवासी के रूप में हुई।
पुलिस जांच और मुख्य संदिग्ध
एसएसपी राजेश अग्रवाल और उनकी टीम मामले की गुत्थी सुलझाने में जुटी है। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा है:

- रात करीब 1 बजे महिला एक युवक के साथ जाती दिखाई दी।
- संदिग्ध की पहचान ‘पांडा’ उर्फ मिथुन के रूप में हुई है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
सड़कों पर उतरा जन-आक्रोश
इस जघन्य अपराध के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं:
- कड़ी सजा की मांग: पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भावुक पोस्ट साझा करते हुए इसे अंबिकापुर के लिए काला दिन बताया और अपराधियों को तत्काल फांसी देने की मांग की।

- हस्ताक्षर अभियान: शहर में बढ़ते नशे और अपराध के खिलाफ महिला कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। 11 मीटर लंबी साड़ी पर हस्ताक्षर कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा जा रहा है।

- सामाजिक पहल: पीड़िता के बेटे की बेबसी को देखते हुए ‘अनोखी सोच’ संस्था ने आगे आकर महिला का गरिमापूर्ण अंतिम संस्कार संपन्न कराया।

निष्कर्ष: यह घटना समाज में व्याप्त विकृत मानसिकता और खोखली होती जा रही सुरक्षा व्यवस्था का कड़वा सच बयां करती है। अब शहरवासियों को पुलिस की त्वरित कार्रवाई और अदालत के कड़े फैसले का इंतजार है।
