मेरठ: तलाक के बाद ढोल-नगाड़ों से बेटी का भव्य स्वागत, रिटायर्ड जज पिता ने बदली सोच
मेरठ, 5 अप्रैल 2026 (रिपोर्टर): उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक अनोखी और प्रेरक घटना ने समाज की पारंपरिक सोच को झकझोर दिया है। सेवानिवृत्त जिला जज डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने अपनी इकलौती बेटी प्रणिता शर्मा के तलाक के बाद उसका स्वागत किसी शोक की तरह नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत के उत्सव के रूप में किया।

कोर्ट से घर तक ढोल-नगाड़ों, फूलों और मिठाइयों के साथ निकले जुलूस में परिवार और परिचितों ने खुले दिल से हिस्सा लिया। इस दौरान कई लोग “आई लव माय डॉटर” लिखी टी-शर्ट पहनकर नाचते-गाते नजर आए। यह दृश्य न केवल भावुक था, बल्कि एक मजबूत सामाजिक संदेश भी दे रहा था।
पृष्ठभूमि: संघर्ष से निर्णय तक
प्रणिता शर्मा की शादी वर्ष 2018 में शाहजहांपुर निवासी आर्मी मेजर गौरव अग्निहोत्री से हुई थी। बीते सात वर्षों में कथित रूप से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलने के बाद उन्होंने मेरठ फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की।
4 अप्रैल 2026 को अदालत ने तलाक को मंजूरी दे दी। खास बात यह रही कि प्रणिता ने किसी प्रकार की एलिमोनी या मुआवजा लेने से इनकार कर दिया।
जश्न बना संदेश
तलाक के फैसले के तुरंत बाद कोर्ट परिसर से ही जश्न की शुरुआत हो गई। पिता डॉ. शर्मा ने कहा,
“बेटी कोई बोझ नहीं होती। हमने कुछ नहीं खोया, बल्कि उसका स्वाभिमान वापस पाया है।”
परिवार ने मिठाइयां बांटीं, ढोल की थाप पर नृत्य किया और पूरे रास्ते इसे एक सकारात्मक घटना के रूप में प्रस्तुत किया।
सोशल मीडिया पर चर्चा
इस पूरे आयोजन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे महिलाओं के आत्मसम्मान और पारिवारिक समर्थन का मजबूत उदाहरण बता रहे हैं।
यह घटना एक बड़ा सवाल भी खड़ा करती है कि क्या तलाक को अब भी केवल असफलता के रूप में देखा जाना चाहिए, या फिर इसे एक साहसी निर्णय और नई शुरुआत के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए।
