बलरामपुर में मलेरिया पर पूरी तरह नियंत्रण, फिलहाल एक भी एक्टिव मरीज नहीं
बलरामपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग की निरंतर सक्रियता और जागरूकता प्रयासों के सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं। विश्व मलेरिया दिवस के उपलक्ष्य में जिले के विभिन्न हिस्सों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन कर नागरिकों को इस बीमारी के रोकथाम और नियंत्रण के प्रति सचेत किया गया। जिले के लिए यह अत्यंत गर्व और राहत का विषय है कि वर्तमान में यहाँ मलेरिया का एक भी सक्रिय मरीज नहीं है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय सिंह के मार्गदर्शन में शनिवार को जिले के समस्त स्वास्थ्य केंद्रों में मलेरिया दिवस मनाया गया। इसी कड़ी में, रामानुजगंज स्थित 100 बेड अस्पताल में अधीक्षक डॉ. शरद चंद्र गुप्ता की देखरेख में नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने जागरूकता अभियान चलाया।
जागरूकता अभियान की मुख्य बातें:
- लक्षण और जांच: नर्सिंग छात्रों ने मरीजों और परिजनों को मलेरिया के लक्षणों और समय पर चिकित्सकीय जांच के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया।
- बचाव के उपाय: मच्छरों के पनपने पर रोक लगाने के लिए आसपास सफाई रखने, जमा पानी को हटाने और सोते समय मच्छरदानी का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने की सलाह दी गई।
उपलब्धि और वर्तमान स्थिति
अस्पताल अधीक्षक डॉ. शरद चंद्र गुप्ता ने साझा किया कि स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैदी और नियमित सर्वे के कारण जिले में मलेरिया पर प्रभावी लगाम कसी गई है। उन्होंने बताया:
“विगत वर्षों में जहां गिने-चुने मामले प्रकाश में आते थे, वहीं इस वर्ष अब तक मलेरिया का एक भी मामला सामने नहीं आया है। यह जिले के स्वास्थ्य तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।”
डॉ. गुप्ता ने आमजन से अपील की है कि वे सावधानी में कमी न आने दें और यदि किसी को भी संबंधित लक्षण महसूस हों, तो अविलंब निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।
इस कार्यक्रम में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेश गुप्ता, डॉ. शरद चंद्र गुप्ता सहित अस्पताल के डॉक्टर्स, मेडिकल स्टाफ और नर्सिंग छात्र उपस्थित रहे। विभाग ने संकल्प दोहराया है कि जिले को पूर्णतः मलेरिया मुक्त बनाए रखने के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
