सनावल में वट सावित्री की धूम: सुहागिनों ने वट वृक्ष की परिक्रमा कर मांगी पति की दीर्घायु, गूंजी पौराणिक कथाएं
रामचंद्रपुर विकासखंड के सनावल में पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ वट सावित्री व्रत
सनावल / रामचंद्रपुर:
रामचंद्रपुर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम सनावल में अखंड सौभाग्य का प्रतीक ‘वट सावित्री व्रत’ पारंपरिक श्रद्धा, उल्लास और पूरे विधि-विधान के साथ मनाया गया। क्षेत्र की सुहागिन महिलाओं ने पूरी निष्ठा के साथ उपवास रखकर वट (बरगद) वृक्ष की पूजा-अर्चना की और अपने पति की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य के साथ-साथ परिवार व बच्चों की सुख-समृद्धि की कामना की।

फेरे लेकर बांधा रक्षा सूत्र, सुनी सावित्री-सत्यवान की कथा
शनिवार को सुबह से ही सनावल की सुहागिन महिलाएं पारंपरिक परिधानों और सोलह श्रृंगार में सज-धजकर वट वृक्ष के पास जुटने लगी थीं। महिलाओं ने बरगद के पेड़ पर जल, मौली (रक्षा सूत्र), रोली, सूत, फल और फूल अर्पित कर विधि-विधान से पूजा की। इसके बाद वृक्ष की परिक्रमा करते हुए सूत लपेटकर अखंड सौभाग्य का वरदान मांगा। पूजा के दौरान उपस्थित पुरोहित व वरिष्ठ महिलाओं द्वारा यमराज और सावित्री-सत्यवान की पौराणिक कथा का वाचन किया गया, जिसे सभी महिलाओं ने अत्यंत एकाग्रता और श्रद्धाभाव से श्रवण किया।
सामूहिक पूजा में उमड़ी सुहागिनों की भीड़
इस पावन अवसर पर सनावल में सामूहिक पूजा का दृश्य देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं एकजुट हुईं। पूजा-अर्चना के इस विशेष अनुष्ठान में मुख्य रूप से:
- प्रेमलता जायसवाल
- यशोदा गुप्ता
- मनोकामना गुप्ता
- अनुपमा गुप्ता
- अनीता पोया
- शशि लता सिंह
- सविता कुशवाहा
सहित सनावल क्षेत्र की अन्य सुहागिन महिलाएं और बहनें बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं। पूजा संपन्न होने के बाद महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सदा सुहागन रहने की शुभकामनाएं दीं और बड़ों का आशीर्वाद लिया
