बलरामपुर: चर्चित हंसपुर हत्याकांड में नया मोड़, गवाहों को डराने-धमकाने और प्रलोभन देने का आरोप; एसपी से शिकायत
बलरामपुर / रामानुजगंज: जिले के बहुचर्चित हंसपुर हत्याकांड में एक नया और बेहद संवेदनशील मोड़ सामने आया है। मामले के प्रत्यक्षदर्शियों और घायल पक्ष ने अब अदालत में गवाही को प्रभावित करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ितों का कहना है कि उन पर न्यायालय में बयान बदलने के लिए लगातार भारी दबाव बनाया जा रहा है, जिसमें रुपयों का लालच देने से लेकर जान से मारने की धमकियां तक शामिल हैं। इस खुलासे के बाद से इलाके में प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।

एसपी दफ्तर पहुंचे पीड़ित, सुरक्षा की गुहार
कोरंधा थाना क्षेत्र के ग्राम हंसपुर निवासी अजीत राम उरांव और आकाश कुमार ने जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर एक लिखित शिकायती पत्र सौंपा है। आवेदन में पीड़ितों ने अपनी जान का खतरा बताते हुए प्रशासन से तत्काल सुरक्षा मुहैया कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम 15 फरवरी 2026 की रात का है। पीड़ित अजीत और आकाश उस समय मृतक रामनरेश के साथ खेत से लौट रहे थे। आरोप है कि रास्ते में उन्हें रोककर तत्कालीन कुसमी एसडीएम करुण डहरिया व उनके सहयोगियों ने अवैध उत्खनन का आरोप लगाते हुए लाठी, डंडों और लोहे की रॉड से उन पर प्राणघातक हमला कर दिया था। इस बर्बर मारपीट में रामनरेश गंभीर रूप से जख्मी हो गया था, जिसने बाद में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
कोर्ट में चल रहा है मामला
इस सनसनीखेज वारदात के बाद कोरंधा थाना पुलिस ने मामले की तफ्तीश पूरी कर हत्या (IPC 302 / बीएनएस की संबंधित धारा), हत्या के प्रयास, साक्ष्य छिपाने और अनुसूचित जाति-जनजाति (SC-ST) अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत विशेष न्यायालय रामानुजगंज में चालान (चार्जशीट) पेश कर दिया है। अदालत में मामले की सुनवाई जारी है और आरोपियों पर आरोप तय (Frame Charges) होने की प्रक्रिया भी मुकम्मल हो चुकी है।
रास्ते से लेकर घर तक मिल रही हैं धमकियां
पीड़ित आकाश कुमार ने शिकायत में चौंकाने वाला दावा करते हुए बताया कि कुछ दिनों पहले जब वह बस से कुसमी जा रहा था, तब रास्ते में दो अज्ञात लोगों ने उससे संपर्क किया। उन्होंने अदालत में बयान पलटने के एवज में मोटी रकम देने की पेशकश की। जब आकाश ने इस प्रलोभन को ठुकरा दिया, तो वे लोग उसके घर तक पहुंच गए और उसके परिजनों पर भी बयान बदलने का दबाव बनाया। बात न मानने पर गंभीर परिणाम भुगतने की खुली चेतावनी दी गई है।
जांच के बाद होगी वैधानिक कार्रवाई: एसपी
हाई-प्रोफाइल मामले से जुड़े गवाहों को प्रभावित करने और न्यायिक प्रक्रिया को बाधित करने की इस कोशिश को पुलिस प्रशासन ने भी गंभीरता से लिया है। पूरे मामले पर बलरामपुर एसपी वैभव बेंकर ने कहा:
“पीड़ित पक्ष की ओर से शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी गहन जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
