रामानुजगंज में बड़ा हादसा टला: उफनते एनीकट में डूब रहे झारखंड के युवक के लिए ‘देवदूत’ बने मोहन दादा, 112 की टीम ने भी दिखाया दम!
रामानुजगंज: रविवार की सुबह करीब 8 बजे यहाँ के एनीकट पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक युवक सीधे मौत के मुंह में समाने लगा था। गनीमत रही कि वक्त रहते स्थानीय जांबाज और पुलिस की टीम मौके पर सक्रिय हो गई, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया।

पहले की नग्न कसरत, फिर गहरे पानी में उतरा प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के मुताबिक, झारखंड के भंडारिया का रहने वाला मनोहर नाम का एक युवक सुबह एनीकट पहुंचा। वह पहले वहां नग्न अवस्था में कसरत करने लगा। इसके कुछ देर बाद वह नहाने के इरादे से एनीकट के पानी में उतर गया। पानी का बहाव बेहद तेज था और गहराई भी ज्यादा थी। देखते ही देखते मनोहर का संतुलन बिगड़ा और वह गहरे पानी में डूबने लगा। युवक को डूबता देख किनारे पर खड़े लोगों में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।

मोहन दादा की बहादुरी और डायल 112 का ‘क्विक एक्शन’ हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत ‘डायल 112’ को फोन घुमाया। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम महज 5 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गई। इस बीच, वहीं मौजूद स्थानीय युवक मोहन दादा ने अपनी जान की परवाह न करते हुए गजब के साहस का परिचय दिया। वे तुरंत उफनते पानी में कूद गए और डूब रहे मनोहर को सूझबूझ से सुरक्षित बाहर निकाल लाए।
दी गई फर्स्ट-एड, लोगों ने की तारीफ पानी से बाहर निकाले जाने के बाद मनोहर की हालत काफी नाजुक थी। लोगों ने बिना वक्त गंवाए उसे एनीकट के किनारे लिटाया और तुरंत प्राथमिक उपचार (First-Aid) दिया, जिससे कुछ ही देर में उसकी स्थिति संभल गई। स्थानीय लोगों और डायल 112 की इस मुस्तैदी की पूरे इलाके में जमकर तारीफ हो रही है, खासकर जांबाज मोहन दादा की बहादुरी की हर कोई सराहना कर रहा है।
