बलरामपुर: राजपुर में महुआ शराब की गंध से बस्ती पहुंचा हाथी, बुजुर्ग को कुचला; मौके पर ही मौत
राजपुर (बलरामपुर)। बलरामपुर जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। ग्राम रेवतपुर के आश्रित ग्राम नवापारा में शनिवार रात एक जंगली हाथी ने हमला कर 62 वर्षीय एक बुजुर्ग को मौत के घाट उतार दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि घटना के वक्त वन विभाग की टीम मौके पर ही गश्त पर तैनात थी। विभाग ने मृतक के परिजनों को तत्काल ₹25,000 की अंतरिम सहायता राशि जारी कर दी है। साथ ही ग्रामीणों को हाथियों से सतर्क रहने और जंगल की रुख न करने की हिदायत दी है।

महुआ शराब की गंध से आकर्षित होकर आया था हाथी
मिली जानकारी के अनुसार, राजपुर वन परिक्षेत्र के बरियों सर्किल अंतर्गत रेवतपुर बीट (कक्ष क्रमांक पी-2556) में बीती रात हाथियों का एक दल सक्रिय था। रात करीब 9 बजे मुख्य झुंड से अलग होकर एक दंतैल हाथी नवापारा बस्ती की ओर आ धमका। बताया जा रहा है कि हाथी महुआ शराब की तीव्र गंध से आकर्षित होकर सीधे 62 वर्षीय बालम टेकाम (पिता स्वर्गीय परमेश्वर टेकाम) के घर के पास जा पहुंचा। हाथी ने मकान की परछी (छप्परदार हिस्सा) को क्षतिग्रस्त कर दिया और वहाँ रखी महुआ शराब चट कर गया।

रास्ते में हुआ सामना, बाकी सदस्य बाल-बाल बचे
शराब पीने के बाद हाथी जब वापस लौट रहा था, तभी घर से महज 150 मीटर की दूरी पर रास्ते में बालम टेकाम का सामना सीधे हाथी से हो गया। इससे पहले कि बुजुर्ग संभल पाते, हाथी ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया, जिससे मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। गनीमत रही कि घटना के दौरान घर में मौजूद अन्य चार सदस्यों ने सूझबूझ दिखाई और वे घर के अंदर ही रहे, जिससे उनकी जान बच गई।
मौके पर मुस्तैद थी वन विभाग की टीम
हाथियों की आमद को देखते हुए उप वनमंडलाधिकारी (SDO) रविशंकर श्रीवास्तव और वन परिक्षेत्र अधिकारी (RFO) अजय वर्मा सहित वन अमला इलाके में ही मुस्तैद था, लेकिन इस आकस्मिक हमले को रोका नहीं जा सका। हादसे के तुरंत बाद अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और तात्कालिक सहायता राशि सौंपी।

गांव-गांव में मुनादी; वन विभाग की ग्रामीणों से अपील
वन विभाग के मुताबिक, क्षेत्र में हाथियों की निरंतर मौजूदगी को भांपते हुए ‘गजराज वाहन’ के जरिए लगातार गांव-गांव में मुनादी कराई जा रही है। ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे इन दिनों पुट्टू, खुखड़ी (मशरूम), जलाऊ लकड़ी या किसी भी प्रकार के वनोपज संग्रहण के लिए जंगल के भीतर न जाएं।
अपील: खुले में न रखें महुआ शराब उप वनमंडलाधिकारी रविशंकर श्रीवास्तव ने ग्रामीणों से बेहद अहम अपील करते हुए कहा कि हाथी अक्सर आम, कटहल और विशेषकर महुआ शराब की गंध से आकर्षित होकर रिहायशी इलाकों का रुख करते हैं। इसलिए हाथी प्रभावित क्षेत्रों के लोग घरों में महुआ शराब खुले में बिल्कुल न रखें। हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर कौतूहलवश उनके करीब जाने या उन्हें छेड़ने का प्रयास कतई न करें। सतर्कता और विभागीय निर्देशों का पालन ही इस तरह के हादसों से बचने का एकमात्र सुरक्षित उपाय है।
