बलरामपुर: झोलाछाप डॉक्टर के गलत इंजेक्शन से 3 साल के मासूम की मौत, कार्रवाई से बचने रचा लकवे का ढोंग, भेजा गया जेल
बलरामपुर: जमुआटांड़ गांव में गलत इलाज के कारण एक 3 वर्षीय मासूम बच्चे ‘अभीस चेरवा’ की दर्दनाक मौत हो गई। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी कथित झोलाछाप चिकित्सक बालेश्वर सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

गलत इंजेक्शन से बिगड़ी तबीयत, रास्ते में तोड़ा दम परिजनों के अनुसार, मासूम अभीस को बुखार आने पर वे उसे इलाज के लिए सरनाडीह स्थित बालेश्वर सिंह के पास ले गए थे। आरोप है कि फर्जी डॉक्टर ने बच्चे को इंजेक्शन लगाया, जिसके तुरंत बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। परिजन उसे लेकर घर लौट ही रहे थे कि मासूम ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

टीम पहुंची तो बिस्तर पकड़ रचा बीमारी का नाटक घटना की सूचना मिलते ही विकासखंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनुज टोप्पो, बीपीएम नेत्र प्रकाश शोर, तहसीलदार कावेरी मुखर्जी और पुलिस बल आरोपी के ठिकाने पर पहुंचे। अधिकारियों को देखते ही आरोपी बालेश्वर सिंह ने गिरफ्तारी से बचने के लिए खुद को लकवाग्रस्त बताते हुए बिस्तर पकड़ लिया और काफी देर तक नाटक करता रहा। हालांकि, पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए उसे हिरासत में ले लिया।
सख्त धाराओं में मामला दर्ज, फर्जी क्लीनिकों पर उठे सवाल कोतवाली थाना प्रभारी भापेंद्र साहू ने बताया कि आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 105, 271, 318 और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 27 के तहत अपराध दर्ज कर उसे रात में ही जेल भेज दिया गया। मौके से मिली संदिग्ध दवाइयों और प्रयुक्त इंजेक्शन की जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद से ग्रामीण इलाकों में बिना किसी वैध डिग्री के बेधड़क दुकान चला रहे फर्जी डॉक्टरों पर नकेल कसने को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
