कलेक्ट्रेट में ACB का बड़ा छापा: नागरिक आपूर्ति निगम प्रबंधक विद्यासागर गोपाल गिरफ्तार, बिल पास कराने मांगा था 2% कमीशन
बलरामपुर। बलरामपुर कलेक्ट्रेट परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब अंबिकापुर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने दबिश देकर छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन (नागरिक आपूर्ति निगम/नान) के जिला प्रबंधक विद्यासागर गोपाल को रंगे हाथों कार्रवाई के बाद गिरफ्तार कर लिया। प्रबंधक पर ट्रांसपोर्टिंग बिल के भुगतान की एवज में संबंधित फर्म संचालक से 2 प्रतिशत कमीशन के रूप में रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप है।

11.30 लाख के भुगतान पर मांगी थी 22 हजार की रिश्वत
विभागीय और आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंबिकापुर की प्रतिष्ठित फर्म ‘शिवराज सिंह’ द्वारा नागरिक आपूर्ति निगम बलरामपुर में खाद्यान्न परिवहन (ट्रांसपोर्टिंग) का कार्य किया गया था। इस कार्य के एवज में फर्म का लगभग 11 लाख 30 हजार रुपये का भुगतान लंबित था। हालांकि विभाग की ओर से इस राशि का भुगतान बिल के आधार पर कर दिया गया था, लेकिन आरोप है कि भुगतान की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद प्रबंधक विद्यासागर गोपाल द्वारा फर्म संचालक पर 2 प्रतिशत कमीशन देने का लगातार दबाव बनाया जा रहा था। कमीशन की यह मांग लगभग 22 हजार रुपये बैठती थी।
शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने बिछाया जाल
कमीशनखोरी से परेशान फर्म संचालक ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो (अंबिकापुर इकाई) से की। शिकायत मिलने पर एसीबी के अधिकारियों ने प्राथमिक जांच और तकनीकी माध्यमों से मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। सत्यापन की प्रक्रिया में कमीशन की मांग किए जाने की पुष्टि होते ही एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया।
कलेक्ट्रेट स्थित दफ्तर से गिरफ्तारी, जांच जारी
मंगलवार को एसीबी की विशेष टीम अचानक बलरामपुर कलेक्ट्रेट स्थित नागरिक आपूर्ति निगम कार्यालय पहुंची और घेराबंदी करते हुए प्रबंधक विद्यासागर गोपाल को हिरासत में ले लिया। आवश्यक विधिक औपचारिकताओं और पूछताछ के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
कार्रवाई के दौरान कलेक्ट्रेट के अन्य विभागों में भी खलबली मची रही। एसीबी की टीम द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजी जांच और पूरी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
