ईंधन संकट पर प्रशासन का कड़ा रुख: रात में पेट्रोल पंपों की चेकिंग, डब्बे-बोतल में तेल देने पर लगेगा ताला!
रामानुजगंज में तहसीलदार और थाना प्रभारी की आधी रात को औचक दबिश; स्टॉक रजिस्टर खंगाला, डेड स्टॉक के अलावा 3000 लीटर तेल रिजर्व रखने के निर्देश।
बलरामपुर-रामानुजगंज | विशेष संवाददाता
बलरामपुर। जिले में संभावित ईंधन संकट और जमाखोरी (Hoarding) की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। मंगलवार की देर रात रामानुजगंज तहसीलदार और थाना प्रभारी ने संयुक्त रूप से नगर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने न सिर्फ उपलब्ध स्टॉक का मिलान किया, बल्कि पंप संचालकों को नियमों का उल्लंघन करने पर सीधे दंडात्मक कार्रवाई की सख्त चेतावनी भी दी।

## कड़े निर्देश: बोतल या जेरीकेन में तेल दिया तो होगी एफआईआर
निरीक्षण के दौरान कड़े लहजे में निर्देश दिए गए कि किसी भी स्थिति में किसी भी आम नागरिक को डब्बा, बोतल, ड्रम या जेरीकेन में पेट्रोल-डीजल की बिक्री नहीं की जाएगी। इसके अलावा दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए प्रशासन द्वारा तय की गई सीमित मात्रा के आधार पर ही ईंधन का वितरण किया जाएगा।
### आपातकाल के लिए सुरक्षित रहेगा ‘रिजर्व स्टॉक’
प्रशासन ने आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए हर पंप के लिए एक अनिवार्य सीमा तय की है:
- डीजल: डेड स्टॉक के अतिरिक्त कम से कम 2,000 लीटर सुरक्षित रखना अनिवार्य।
- पेट्रोल: डेड स्टॉक के अतिरिक्त कम से कम 1,000 लीटर सुरक्षित रखना अनिवार्य।
- प्राथमिकता: एम्बुलेंस, शासकीय वाहनों और अन्य आपातकालीन सेवाओं को बिना रुकावट ईंधन मिलेगा।
## क्यों पड़ी इस कड़े कदम की जरूरत?
दरअसल, अपर कलेक्टर द्वारा 18 मई को जारी एक आधिकारिक आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई है। जिले में ईंधन की आपूर्ति अनियमित होने के कारण आम जनता के बीच पैनिक बाइंग (अनावश्यक खरीदारी) की स्थिति बन रही थी, जिससे जमाखोरी और कालाबाजारी का खतरा बढ़ गया था।
प्रशासन की अपील: जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे घबराकर अनावश्यक रूप से ईंधन का भंडारण न करें। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और कालाबाजारी करने वाले पंप संचालकों या बिचौलियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

