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बलरामपुर: गिरदावरी प्रक्रिया में फेरबदल से धान उपार्जन पर मंडराया संकट, पटवारी संघ ने पुराने सिस्टम से काम कराने की उठाई मांग

बलरामपुर। खरीफ वर्ष 2026-27 की फसल गिरदावरी के ऐन बीच में शासन द्वारा नियमों और तकनीकी प्रणाली में अचानक किए गए बदलाव को लेकर मैदानी राजस्व अमले में गहरा असंतोष फैल गया है। बलरामपुर जिला राजस्व पटवारी संघ ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। संघ ने पटवारी आईडी से ऑनलाइन फसल प्रविष्टि बंद किए जाने और 18 सितंबर से ‘पीवी ऐप’ (PV App) के जरिए नए सिरे से गिरदावरी कराने के जारी निर्देशों पर कड़ा एतराज जताया है। पटवारियों का दो टूक कहना है कि अंतिम समय में इस अव्यावहारिक बदलाव से निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा होना नामुमकिन है, जिसका सीधा असर समर्थन मूल्य पर होने वाली आगामी धान खरीदी पर पड़ सकता है।

बिना पूर्व सूचना बंद की आईडी, थोपा गया नया ऐप

ज्ञापन के अनुसार, शासन ने चालू खरीफ सत्र की गिरदावरी के लिए 17 अगस्त से 30 सितंबर तक की समय-सीमा निर्धारित की थी। इस अवधि में पूरे प्रदेश सहित जिले के पटवारी डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) और निर्धारित ऑनलाइन माध्यम से तेजी से सत्यापन कार्य निपटा रहे थे। लेकिन 30 सितंबर की समय-सीमा नजदीक आते ही बिना किसी पूर्व सूचना के पटवारी आईडी से ऑनलाइन फसल एंट्री का विकल्प बंद कर दिया गया और 18 सितंबर से अचानक पीवी ऐप से सत्यापन करने का फरमान जारी कर दिया गया।

3 साल पुराने नक्शे और जलमग्न खेतों में कैसे लें 4 कोनों की फोटो?

पटवारी संघ ने इस नई व्यवस्था में आ रही गंभीर व्यावहारिक और तकनीकी खामियों को रेखांकित किया है:

  • पुराना डिजिटल नक्शा: डीसीएस में उपलब्ध नक्शा लगभग 3 वर्ष पुराना है। तकनीकी कमियों के कारण मौके पर विभाजित किए गए कई खसरों के नक्शे अब तक पोर्टल पर अपडेट नहीं हो सके हैं। ऐसे में बिना किसान की मौजूदगी और सहमति के मौके पर खसरों को चिह्नित करना विधि विरुद्ध और अव्यावहारिक है।
  • खेतों में पानी और खड़ी फसल: वर्तमान में खेतों में धान की फसल खड़ी है और मूसलाधार बारिश के चलते कई जगह लबालब पानी भरा हुआ है। ऐसे हालात में प्रत्येक खेत के चारों कोनों तक पहुंचकर पीवी ऐप में लाइव फोटो कैप्चर करना शारीरिक और भौगोलिक रूप से अत्यंत जोखिम भरा है।
  • बकाया खसरों का अंबार: जिले के कई गांवों में 1,500 से लेकर 15,000 तक खसरों की गिरदावरी का काम अभी शेष है। महज कुछ दिनों के भीतर इतने विशाल रकबे की ऐप आधारित विस्तृत मैपिंग पूरा करना संभव नहीं है।

समर्थन मूल्य धान खरीदी प्रभावित होने की आशंका

संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते गिरदावरी का कार्य विधिवत पूर्ण नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में किसानों की धान समेत अन्य खरीफ उपजों के पंजीयन और समर्थन मूल्य पर खरीदी व्यवस्था में भारी गतिरोध उत्पन्न हो जाएगा। पटवारी संघ ने कलेक्टर से मांग की है कि मैदानी हकीकत और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस नए आदेश पर अविलंब पुनर्विचार किया जाए तथा पूर्व निर्धारित डीसीएस एवं ऑनलाइन व्यवस्था के तहत ही गिरदावरी कार्य पूर्ण कराने की अनुमति दी जाए।

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