रामानुजगंज में उमड़ा शिवभक्तों का सैलाब: बाबा बैद्यनाथ के कांवरियों के लिए निःशुल्क सेवा का केंद्र बना पंडित दीनदयाल मांगलिक भवन
बलरामपुर: सावन के पावन महीने की शुरुआत के साथ ही पूरा माहौल ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा है। पवित्र सावन मास का शुभारंभ हो चुका है, जो 28 अगस्त तक चलेगा। इस भक्तिमय अवसर पर बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर, झारखंड) में जलाभिषेक के लिए देश के कोने-कोने से कांवरियों की पैदल यात्रा शुरू हो गई है। इसी क्रम में बलरामपुर जिले का रामानुजगंज शहर एक बार फिर शिवभक्तों के स्वागत और आतिथ्य का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

शहर के पंडित दीनदयाल मांगलिक भवन में हर साल की तरह इस बार भी कांवरिया सेवा समिति द्वारा बाबा धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठहरने और तीनों समय के सात्विक भोजन की बिल्कुल निःशुल्क व्यवस्था की गई है।
मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से पहुंचे 38 कांवरियों का जत्था
शुक्रवार को मध्यप्रदेश के अनूपपुर और छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले से 38 कांवरियों का एक दल रामानुजगंज पहुँचा। यहाँ सेवा समिति के सदस्यों ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया और विश्राम तथा भोजन की उत्तम व्यवस्था उपलब्ध कराई।
उल्लेखनीय है कि रामानुजगंज से सुल्तानगंज की दूरी लगभग 491 किलोमीटर है। श्रद्धालु सबसे पहले सुल्तानगंज पहुँचकर उत्तरवाहिनी गंगा से पवित्र जल भरते हैं और फिर कठिन पैदल यात्रा करते हुए देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग पर जलाभिषेक करते हैं।
“यहाँ का स्नेह और व्यवस्था बेमिसाल”: मुकेश शर्मा
मनेंद्रगढ़ से आए कांवरिया मुकेश शर्मा ने बताया कि उनके 38 सदस्यीय दल में छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश दोनों राज्यों के श्रद्धालु शामिल हैं। उन्होंने बताया,
“हम पिछले चार वर्षों से यात्रा के दौरान रामानुजगंज में ही विश्राम करते हैं। यहाँ कांवरिया सेवा समिति सुबह की चाय-नाश्ते से लेकर दोपहर और रात के भोजन का बेहतरीन प्रबंध करती है। समिति के सदस्यों का व्यवहार इतना आत्मीय होता है कि यात्रा की थकान मिट जाती है। बाबा धाम जाने वाले अन्य कांवरियों को भी यहाँ जरूर रुकना चाहिए।”
फूलों से सजे वाहन और शिवलिंग बने आकर्षण का केंद्र
इस यात्रा के दौरान कांवरियों के वाहन भी लोगों के ध्यान का केंद्र बने रहे। अनूपपुर और मनेंद्रगढ़ से आए श्रद्धालुओं ने अपनी गाड़ियों को बेहद खूबसूरत फूलों से सजाया था। एक वाहन के बोनट पर भगवान शिव के प्रतीक शिवलिंग की स्थापना की गई थी, जिसे देखकर राहगीर और स्थानीय लोग भक्तिभाव से नतमस्तक हो गए।
सावन के पूरे महीने रामानुजगंज में कांवरिया सेवा समिति इसी तरह निरंतर सेवा भाव से तत्पर रहेगी, ताकि देवघर जाने वाले हजारों शिवभक्तों की यात्रा सुगम और आरामदायक बनी रहे।
