छत्तीसगढ़: रामानुजगंज में हाथी के दांत और जबड़े की तस्करी का पर्दाफाश, नशीले पदार्थ संग तीन गिरफ्तार
रामानुजगंज (बलरामपुर): छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से वन्यजीव तस्करी से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। रामानुजगंज स्थित ‘आमंत्रण धर्मशाला’ में दुर्लभ वन्यजीव अवशेषों की अवैध खरीद-फरोख्त की गुप्त सूचना पर वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) की टीम ने त्वरित छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान अंतरराज्यीय तस्करी से जुड़े तीन आरोपियों को रंगे हाथ धर दबोचा गया।

बरामदगी और मुख्य आरोपी
WCCB की टीम को मौके से हाथी के दांत, जबड़े के हिस्से और एक संदिग्ध नशीला पदार्थ बरामद हुआ है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- संतोष विश्वकर्मा: निवासी तुकबेरा (थाना नावाबाजार, जिला पलामू, झारखंड)
- अजय गुप्ता: निवासी रामानुजगंज (छत्तीसगढ़)
- सतेन्द्र रजक: निवासी रामानुजगंज (छत्तीसगढ़)
मामले में झारखंड और छत्तीसगढ़ के स्थानीय नेटवर्क के बीच साठगांठ की बात सामने आ रही है।

कड़ी कानूनी कार्रवाई और न्यायिक रिमांड
पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ वन्य प्राणी (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की विभिन्न सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है:
- धाराएं: 9, 39, 48(क), 50, 51 और 52
सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद आरोपियों को स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से अदालत ने तीनों को न्यायिक हिरासत (जेल) में भेजने के आदेश जारी कर दिए हैं।
नेटवर्क खंगालने में जुटी एजेंसियां
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह केवल एक स्थानीय डील नहीं थी, बल्कि इसके तार बड़े अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी सिंडिकेट से जुड़े हो सकते हैं। WCCB और वन विभाग की संयुक्त टीम अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि:
- हाथी के यह अवशेष कहां से लाए गए थे?
- इस अवैध नेटवर्क में और कौन-कौन से मुख्य सरगना या खरीदार शामिल हैं?
मामले की विस्तृत जांच लगातार जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
