NEET 2026 पेपर लीक मामले पर NSUI का केंद्र पर तीखा हमला, CBI जांच और NTA को भंग करने की मांग
- युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, छात्रों के हक में आर-पार की लड़ाई का ऐलान: प्रतीक सिंह
- NSUI के राष्ट्रीय सचिव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर शिक्षा व्यवस्था और सत्ता संरक्षण पर उठाए गंभीर सवाल
रामानुजगंज / छत्तीसगढ़: NEET 2026 परीक्षा में सामने आए कथित पेपर लीक मामले को लेकर देश भर के छात्रों में भारी आक्रोश है। इसी कड़ी में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने केंद्र सरकार और देश की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। NSUI के राष्ट्रीय सचिव एवं नगर पालिका रामानुजगंज के नेता प्रतिपक्ष प्रतीक सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर केंद्र की भाजपा सरकार और परीक्षा प्रणाली पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।

“लाखों छात्रों की मेहनत और सपनों के साथ हुआ खिलवाड़”
प्रतीक सिंह ने कहा कि NEET जैसी देश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक का पेपर लीक होना बेहद शर्मनाक है। इस घटना ने देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता, साख और सुरक्षा पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। उन्होंने कहा, “देश के लाखों छात्र-छात्राओं और उनके परिवारों की दिन-रात की मेहनत और उनके सपनों को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया है। बार-बार होने वाले ये पेपर लीक यह साबित करते हैं कि केंद्र की भाजपा सरकार देश की शिक्षा व्यवस्था को सुरक्षित रखने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।”
सत्ता संरक्षण में सक्रिय हैं शिक्षा माफिया: NSUI
प्रेस विज्ञप्ति में प्रतीक सिंह ने एक बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले में अब तक जिन लोगों की गिरफ्तारियां हुई हैं, उनमें भाजपा से जुड़े नेताओं के नाम सामने आना बेहद गंभीर और चिंताजनक है। उन्होंने संदेह जताते हुए कहा कि इससे साफ होता है कि कहीं न कहीं सत्ता के संरक्षण में ही शिक्षा माफिया बेखौफ होकर सक्रिय हैं और युवाओं के भविष्य का सौदा कर रहे हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से सीधे जवाब मांगते हुए पूछा कि आखिर हर बार व्यवस्था की नाकामियों का खामियाजा देश के ईमानदार और मेहनती छात्रों को ही क्यों भुगतना पड़ता है? छात्रों के इस मानसिक और आर्थिक नुकसान की भरपाई कौन करेगा?
NSUI ने उठाईं ये प्रमुख मांगें:
छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए NSUI ने केंद्र सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं:
- CBI जांच: पूरे पेपर लीक मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष CBI जांच कराई जाए।
- NTA को भंग किया जाए: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाए।
- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा दें।
- कठोर कार्रवाई: इस पूरे रैकेट और दोषियों पर ऐसी सख्त कार्रवाई हो जो नजीर बने।
- आर्थिक व कानूनी मदद: प्रभावित छात्रों को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता और मुफ्त कानूनी मदद दी जाए।
- मुफ्त यात्रा और आवास: यदि परीक्षा दोबारा (Re-exam) आयोजित की जाती है, तो परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए मुफ्त यात्रा (यातायात) और ठहरने की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष
NSUI के राष्ट्रीय सचिव प्रतीक सिंह ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि संगठन देश के करोड़ों छात्रों और उनके अभिभावकों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। जब तक पीड़ित छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता और दोषियों को सजा नहीं होती, तब तक NSUI सड़क से लेकर संसद तक अपना उग्र आंदोलन और संघर्ष जारी रखेगी।
