बांकी नदी में डूबने से 12 वर्षीय छात्र की दर्दनाक मौत, विजयनगर गांव में पसरा मातम
रामानुजगंज / रामचंद्रपुर : जनपद पंचायत रामचंद्रपुर के अंतर्गत ग्राम विजयनगर में शनिवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया। यहाँ बांकी नदी में नहाने के दौरान एक अतिथि शिक्षक के 12 वर्षीय पुत्र की डूबने से मौत हो गई। इस असमय और दुखद घटना के बाद से ही पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

नहाने के दौरान गहरे पानी में समाया बालक
प्राप्त विवरण के अनुसार, विजयनगर निवासी अतिथि शिक्षक शिवलाल यादव का छोटा पुत्र विनोद यादव उर्फ डिंपल (12 वर्ष), जिसने इसी वर्ष कक्षा आठवीं में दाखिला लिया था, शनिवार दोपहर करीब 12 बजे अपने दो दोस्तों के साथ घर से महज 200 मीटर दूर स्थित बांकी नदी में नहाने गया हुआ था। नदी में नहाने के दौरान विनोद अचानक अनजाने में गहरे पानी की ओर चला गया और डूबने लगा।
साथी ने की बचाने की कोशिश, ग्रामीणों ने निकाला शव
बताया जा रहा है कि विनोद को डूबता देख उसके एक साथी ने सूझबूझ दिखाते हुए उसे बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन हाथ छूट जाने के कारण विनोद गहरे पानी में ओझल हो गया। हादसे की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण तत्काल नदी की तरफ दौड़े। गांव के युवक पवन यादव व अन्य ग्रामीणों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए करीब 12 फीट गहरे पानी में उतरकर बालक की खोजबीन शुरू की। लगभग आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बालक का शव पानी के भीतर एक बड़े पत्थर के नीचे फंसा हुआ मिला, जिसे बाहर निकाला गया।
पुलिस ने दर्ज किया मर्ग, अस्पताल में उमड़ा शिक्षक संघ
घटना की सूचना पाते ही विजयनगर चौकी पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए तत्काल रामानुजगंज अस्पताल रवाना किया। अस्पताल में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई और पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
जैसे ही इस हादसे की खबर फैली, पूरे रामानुजगंज और रामचंद्रपुर क्षेत्र में सन्नाटा खिंच गया। रामानुजगंज अस्पताल पहुंचे अतिथि शिक्षक संघ के संरक्षक यशपाल दुबे, आकाश पासवान, अवधेश कुमार सहित संघ के अन्य पदाधिकारियों ने शोकाकुल पिता और परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने इस वज्रपात पर गहरी संवेदना प्रकट करते हुए पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया।
नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
महज 12 वर्ष की अल्पायु में एक होनहार बच्चे की इस तरह असमय मौत से पूरा विजयनगर गांव गहरे सदमे में है। शनिवार शाम जब बालक का अंतिम संस्कार किया गया, तब वहां मौजूद हर ग्रामीण की आंखें नम थीं और पूरे गांव में चूल्हे तक नहीं जले।
