BalrampurChhattisgarhCrime & LawRamanujganj

रामानुजगंज: श्रृंगार स्टोर के संचालक पर युवती से छेड़छाड़ का आरोप, पुलिस ने लिया हिरासत में; BNS और ST-SC एक्ट के तहत मामला दर्ज

रामानुजगंज। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रामानुजगंज नगर से कार्यस्थल पर महिला सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। भारत माता चौक के समीप संचालित ‘रानी श्रृंगार स्टोर’ के संचालक तौकिर रजा पर दुकान में ही काम करने वाली एक युवती ने छेड़छाड़ और ‘बैड टच’ का संगीन आरोप लगाया है। पीड़िता की लिखित शिकायत पर तत्परता दिखाते हुए रामानुजगंज पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 और एससी/एसटी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

पीड़िता ने आपबीती में लगाए गंभीर आरोप

दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़िता पिछले करीब डेढ़ महीने से उक्त श्रृंगार स्टोर में कार्यरत थी। घटना के दिन वह रोजाना की तरह दुकान में अपना काम कर रही थी, तभी अचानक संचालक तौकिर रजा उसके पास पहुंचा और कथित तौर पर उसका हाथ मरोड़ने लगा। युवती का आरोप है कि विरोध करने के बावजूद आरोपी ने उसके साथ अशोभनीय हरकत की और ‘बैड टच’ का प्रयास किया।

इस अचानक हुई घटना से भयभीत होकर युवती रोने लगी। उसने किसी तरह आरोपी को धक्का देकर खुद को छुड़ाया और तत्काल दुकान से बाहर निकल आई। घर पहुंचकर उसने परिजनों को पूरी बात बताई, जिसके बाद परिजन उसे लेकर सीधे रामानुजगंज थाना पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी से पूछताछ जारी

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रामानुजगंज पुलिस ने तत्काल सुसंगत धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज की और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी तौकिर रजा को अभिरक्षा में ले लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

घटना को लेकर हिंदू संगठनों में आक्रोश

इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय हिंदू संगठनों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। मामले को लेकर हिंदू संगठन के पदाधिकारी दीपक गिरी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका आरोप है कि:

“उक्त आरोपी द्वारा पहले भी दुकान में काम करने वाली दो अन्य युवतियों के साथ इस तरह की अमर्यादित हरकत किए जाने की बातें सामने आई थीं, जिसके कारण बदनामी के डर से उन्होंने काम छोड़ दिया था।”

संगठनों ने मांग की है कि कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे मामलों में आरोपी के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो।

नोट: फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। इन आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण पुलिस की अंतिम विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *