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प्रयागराज: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर POCSO मामले में मेडिकल रिपोर्ट से यौन शोषण की पुष्टि, अग्रिम जमानत याचिका पर HC सुनवाई आज

प्रयागराज : ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ नाबालिग बटुकों के यौन शोषण से जुड़ा मामला फिर से सुर्खियों में है। झूंसी थाना में दर्ज POCSO FIR के तहत चिकित्सा जांच रिपोर्ट में यौन शोषण की पुष्टि होने से स्वामी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उनके खिलाफ अग्रिम जमानत की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में कल (27 फरवरी 2026) तय है।

मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टि

पुलिस ने 25 फरवरी को पीड़ितों—14 और 17 वर्ष के दो लड़कों—को बेली अस्पताल में चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेजा था। दो डॉक्टरों के पैनल ने प्राप्त रिपोर्ट में यौन शोषण के पुख्ता संकेत पाए हैं, जिसे विशेष POCSO कोर्ट में सीलबंद रूप से पेश किया जाएगा। इस विकास के साथ ही स्वामी के खिलाफ आरोपों की गंभीरता और बढ़ गई है।

FIR और आरोपों का विवरण

आरोपियों में शामिल आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने शिकायत में कहा है कि स्वामी ने आश्रम, जोशीमठ, कुंभ मेला और माघ मेला के दौरान पिछले एक वर्ष से अधिक समय तक दोनों नाबालिगों का यौन शोषण किया। इसी के आधार पर 21 फरवरी को POCSO FIR दर्ज की गई थी।

अग्रिम जमानत याचिका और कोर्ट की सुनवाई

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद ने 24 फरवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी, लेकिन आज सुनवाई नहीं हो पाई। मामला अब जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की बेंच के समक्ष कल फ्रेश केस नंबर 142 पर सुना जाएगा। यूपी सरकार को पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है।
पुलिस मामले के साक्ष्यों को मजबूत करने में जुटी हुई है और गिरफ्तारी की तैयारी जारी है।

प्रतिक्रियाएँ

आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस रिपोर्ट को “सनसनीखेज खुलासा” बताया है, जबकि स्वामी के समर्थकों ने आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दिया है। धार्मिक जगत में भी मामला गम्भीर चर्चा का विषय बन गया है और कुछ पक्षों द्वारा नार्को टेस्ट की भी मांग उठी है। पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए जांच तेज कर दी है।

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