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महंगाई और राशनिंग की दोहरी मार: बलरामपुर में पेट्रोल ₹105 के पार, पंपों पर सीमित वितरण से जनता बेहाल

बलरामपुर/रामानुजगंज। देशव्यापी स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आए उछाल का सीधा और बड़ा असर अब छत्तीसगढ़ के सरहदी जिले बलरामपुर में दिखने लगा है। जिले में शुक्रवार सुबह से ईंधन की नई दरें लागू होने के बाद जहां एक तरफ महंगाई का बड़ा झटका लगा है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय पेट्रोल पंपों पर ईंधन की भारी किल्लत (किल्लत) पैदा हो गई है। स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए जिले के अधिकांश पेट्रोल पंपों में ‘राशनिंग व्यवस्था’ लागू कर दी गई है।

दामों में ₹3 से ज्यादा की बढ़ोतरी, पेट्रोल ₹105 पार

शुक्रवार सुबह 8 बजे से लागू हुई नई दरों के बाद बलरामपुर जिले में ईंधन की कीमतों में लगभग 3 रुपये प्रति लीटर की बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है:

  • पेट्रोल: ₹3.14 की बढ़ोतरी के साथ अब ₹105.23 प्रति लीटर
  • डीजल: ₹3.11 की बढ़ोतरी के साथ अब ₹98.22 प्रति लीटर

पंपों पर ‘कोटा’ तय: जानिए किस गाड़ी को कितना मिल रहा तेल?

बढ़ी हुई कीमतों के बीच सप्लाई चेन प्रभावित होने के कारण पेट्रोल पंप संचालकों ने तेल वितरण का दायरा सीमित कर दिया है ताकि पंप पूरी तरह ‘ड्राई’ न हो जाएं। वर्तमान में लागू व्यवस्था के तहत:

  • मोटरसाइकिल/स्कूटी: अधिकतम ₹200 तक का पेट्रोल।
  • पेट्रोल कारें: अधिकतम ₹1000 तक का ईंधन।
  • डीजल वाहन (बड़ी गाड़ियां): अधिकतम ₹2000 तक का ही डीजल।

“ऊपर से ही कम आपूर्ति हो रही है” रामानुजगंज स्थित पुलिस कल्याण पेट्रोल पंप के संचालक पुरूषोतम टेकाम ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया— “पीछे (मुख्य डिपो) से ही पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति बेहद सीमित मात्रा में हो रही है। यदि हम राशनिंग लागू नहीं करेंगे, तो पंप जल्द ही पूरी तरह खाली हो जाएंगे। सभी को थोड़ा-बहुत ईंधन मिल सके, इसलिए बाइक के लिए 200, कार के लिए 1000 और डीजल वाहनों के लिए 2000 रुपये की सीमा तय की गई है।”


ग्राउंड जीरो पर बढ़ी परेशानी, दफ्तर और कारोबार पर असर

ईंधन की इस किल्लत और राशनिंग ने नौकरीपेशा, छोटे व्यापारियों और आम जनता की कमर तोड़ दी है। कई पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही गाड़ियों की कतारें देखी जा रही हैं, तो कई जगह स्टॉक खत्म होने के बोर्ड लटक गए हैं।

रामानुजगंज के पुलिस कल्याण पेट्रोल पंप पर ईंधन भरवाने पहुंची स्थानीय निवासी अनीता गुप्ता ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा— “एक तो पहले से ही पेट्रोल कम मिल रहा था और अब दाम भी बढ़ा दिए गए हैं। जो लोग रोज़ाना दफ्तर या काम के सिलसिले में लंबा सफर तय करते हैं, उनके लिए 200 रुपये का पेट्रोल नाकाफी है। कई पंपों पर चक्कर काटने के बाद भी तेल नहीं मिल पा रहा है।”

Watch Bureau / Gyan Tattva इनसाइट:

बलरामपुर जिले में अचानक आई इस डिजिटल राशनिंग और कीमतों में वृद्धि ने परिवहन व्यवस्था को कड़े संकट में डाल दिया है। अगर आगामी एक-दो दिनों के भीतर जिले को तेल डिपो से पर्याप्त सप्लाई नहीं मिली, तो आने वाले दिनों में यह संकट और अधिक गंभीर रूप अख्तियार कर सकता है, जिसका सीधा असर आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ेगा।

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