कलेक्टर के लेटरहेड पर जारी पत्र लिपिकीय त्रुटि का परिणाम : डीईओ
सोशल मीडिया में वायरल पत्र पर जिला शिक्षा अधिकारी ने दी सफाई

बलरामपुर। कलेक्टर कार्यालय के लेटरहेड पर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने संबंधी खबरें सोशल मीडिया और विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने इस मामले में सफाई दी है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी स्पष्टीकरण में बताया कि, विभागीय प्रकरणों से संबंधित अनेक नस्तियां और प्रस्ताव नियमानुसार अवलोकन एवं हस्ताक्षर के लिए कलेक्टर को प्रस्तुत किए जाते हैं। इसी प्रक्रिया के दौरान एक पत्र में टंकण एवं लिपिकीय त्रुटिवश “कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी” के स्थान पर “कार्यालय कलेक्टर” अंकित हो गया था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित पत्र जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से ही जारी किया गया था और यह केवल एक कार्यालयीन त्रुटि थी। इसका किसी अन्य प्रशासनिक प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं है।
डीईओ ने बताया कि कार्यालय के सभी कार्य शासन के नियमों और निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रियाओं के अनुरूप नियमित कर्मचारियों के माध्यम से संपादित किए जाते हैं। कार्यालयीन कार्यों का संचालन और समन्वय सुव्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कार्यालयीन अभिलेखों और दस्तावेजों का संधारण निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्यालय में ही किया जाता है तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित शाखाओं को उपलब्ध कराया जाता है। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों का निराकरण भी नियमानुसार और निर्धारित समय-सीमा में किया जाता है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि किसी प्रकरण में जानकारी संकलन या अन्य प्रशासनिक कारणों से विलंब की स्थिति उत्पन्न होने पर उसका भी नियमानुसार निराकरण किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वायरल पत्र में कलेक्टर कार्यालय का नाम अंकित होना केवल टंकण संबंधी त्रुटि थी।
