कनहर नदी पर एक्शन: अंतरराज्यीय पुल के नीचे अवैध रेत खनन पर चला प्रशासन का डंडा, 2 ट्रैक्टर जब्त
रामानुजगंज। छत्तीसगढ़ और झारखंड को जोड़ने वाली लाइफलाइन—कनहर पुल—की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले माफियाओं पर प्रशासन ने कड़ा शिकंजा कसा है। पुल के ठीक नीचे चल रहे अवैध बालू उत्खनन (रेत चोरी) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए संयुक्त टीम ने मौके से दो ट्रैक्टरों को जब्त किया है।

एसडीएम आनंद नेताम के नेतृत्व में हुई इस त्वरित कार्रवाई से अवैध खनन करने वालों में हड़कंप मच गया है, वहीं स्थानीय जनता ने इस कदम की जमकर तारीफ की है।
🚨 सीक्रेट इनपुट पर एक्शन: ऐसे बुना गया जाल
कनहर नदी के अंतरराज्यीय पुल के नीचे से लंबे समय से अवैध रूप से रेत निकाले जाने की इनपुट्स मिल रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए रणनीति बनाई गई:
- संयुक्त टीम का गठन: एसडीएम आनंद नेताम ने राजस्व और पुलिस विभाग की एक जॉइंट टीम तैयार की।
- अचानक छापेमारी: टीम ने जब मौके पर औचक दबिश दी, तो वहाँ खुलेआम बालू का उत्खनन चल रहा था।
- ऑन-द-स्पॉट जब्ती: अवैध खनन में लिप्त दो ट्रैक्टरों को रंगे हाथों पकड़कर तुरंत जब्त कर लिया गया।
⚠️ “पुल की नींव को था खतरा, दुर्घटना का था डर” — एसडीएम
कार्रवाई के बाद एसडीएम आनंद नेताम ने दो टूक शब्दों में कहा कि पुल के आसपास किसी भी तरह का अवैध खनन बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने इसके पीछे के बड़े खतरों को रेखांकित किया:
“यह पुल दो राज्यों के बीच आवागमन का मुख्य जरिया है, जिससे रोज हजारों लोग गुजरते हैं। लगातार रेत निकालने से पुल की नींव (Foundation) कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है। नदी की प्राकृतिक धारा बदलने से भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है, इसलिए पुल की सुरक्षा हमारी टॉप प्रायोरिटी है।”
📋 पंचावल पुल के हादसे से लिया सबक
क्षेत्र के लोगों के मन में अभी भी पंचावल पुल का डर ताजा है, जो अतीत में इसी तरह के अवैध रेत खनन के कारण क्षतिग्रस्त हो चुका है। यही वजह है कि ग्रामीणों ने इस कार्रवाई का दिल से स्वागत किया है। ग्रामीणों की मांग है कि यहाँ नियमित मॉनिटरिंग हो ताकि माफिया दोबारा सिर न उठा सकें।
💼 दबाव की राजनीति बेअसर, आगे भी जारी रहेगा अभियान
खबर है कि ट्रैक्टरों की जब्ती के बाद कुछ रसूखदार और प्रभावशाली लोगों ने प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। हालांकि, प्रशासन के तेवर पूरी तरह सख्त हैं।
प्रशासन का साफ संदेश है:
- जब्त वाहनों पर नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
- इस अवैध खेल में शामिल अन्य चेहरों की पहचान कर ली गई है, जिन पर जल्द गाज गिरेगी।
- कानून का राज और जनता की सुरक्षा सर्वोच्च है; यह अभियान रुकने वाला नहीं है।
