बलरामपुर: अंबेडकर जयंती पर दिए बयान का विरोध, ब्राह्मण समाज ने की निंदा, राम सेवक गुप्ता ने दी सफाई
बलरामपुर। अंबेडकर जयंती के अवसर पर राम सेवक गुप्ता द्वारा दिए गए एक वक्तव्य ने जिले में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज कर दी है। एक ओर जहां सर्व ब्राह्मण समाज ने इस बयान को सामाजिक समरसता के खिलाफ बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज किया है, वहीं राम सेवक गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि उनके विचार पूरी तरह से डॉ. अंबेडकर के साहित्य पर आधारित थे और उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
शिव मंदिर परिसर में ब्राह्मण समाज की बैठक

मंगलवार को कन्हर नदी तट स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में सर्व ब्राह्मण समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में वक्ताओं ने एकमत से राम सेवक गुप्ता के बयान की निंदा की। समाज के सदस्यों का कहना है कि अंबेडकर जयंती जैसे प्रेरणादायी अवसर पर किसी विशेष वर्ग को लेकर टिप्पणी करना अनुचित है, जिससे समाज में वैमनस्य और आपसी दूरी बढ़ सकती है।
बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने कहा कि इतिहास एक जटिल विषय है और सार्वजनिक मंचों से किसी एक समुदाय को निशाना बनाना सामाजिक सौहार्द के विपरीत है। समाज ने मांग की है कि राम सेवक गुप्ता अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण दें।
राम सेवक गुप्ता का पक्ष: “संविधान और समानता ही मेरा उद्देश्य”
विवाद बढ़ता देख राम सेवक गुप्ता ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने जो भी विचार रखे, वे डॉ. भीमराव अंबेडकर के स्थापित साहित्य और उनके सिद्धांतों के दायरे में थे। उन्होंने कहा:
“मेरा उद्देश्य किसी भी व्यक्ति या समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं था। समाज में आज भी व्याप्त भेदभाव को समाप्त करना और संविधान द्वारा दी गई समानता को स्थापित करना ही मेरा मूल संदेश था। सामाजिक समरसता और समन्वय ही एक स्वस्थ समाज की आधारशिला हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि किसी भी वर्ग के साथ ऊंच-नीच का व्यवहार न्यायोचित नहीं है और समाज तभी मजबूत होगा जब सभी को समान सम्मान मिलेगा।
बैठक में ये रहे मौजूद
निंदा प्रस्ताव पारित करने वाली इस बैठक में मुख्य रूप से लाल बिहारी चौबे, विकास दुबे, विपिन पाठक, प्रमोद मिश्रा, शैलेश दुबे, रमेश मिश्रा, मनोज तिवारी, उज्जवल तिवारी, दिवाकर द्विवेदी, गोरख पांडेय, विनय कुमार पांडेय, वेद प्रकाश तिवारी, रोहित चौबे, पारस पांडेय, ब्रजेश पांडेय, विष्णु पांडेय, अर्पित तिवारी और श्याम कुशल पांडेय सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।
मुख्य बिंदु:
- विरोध: ब्राह्मण समाज ने बयान को “विभाजनकारी” बताया।
- सफाई: गुप्ता ने कहा कि उनके शब्द डॉ. अंबेडकर के साहित्य पर आधारित थे, न कि किसी के अपमान के लिए।
- मांग: समाज ने सार्वजनिक स्पष्टीकरण और भविष्य में संयम बरतने की अपील की है।
