कलेक्टर के नो-एंट्री आदेश की उड़ रही धज्जियां, रात होते ही मुख्य शहर से गुजर रहे भारी वाहन
बलरामपुर / रामानुजगंज: जिले में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और आमजन की सुरक्षा के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी द्वारा 20 जुलाई को जारी प्रतिबंधात्मक आदेश का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। प्रशासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद रात ढलते ही भारी वाहन प्रतिबंधित रूट का इस्तेमाल कर बेधड़क गुजर रहे हैं, जिससे शहर में हादसों का खतरा मंडरा रहा है।

क्या था कलेक्टर का स्पष्ट आदेश?
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पहाड़ी मंदिर चौक, चांदनी चौक, लरंगसाय चौक से अंतर्राज्यीय कन्हर बैरियर मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया था। वाहनों की आवाजाही के लिए पहाड़ी मंदिर चौक-महाराणा प्रताप चौक से रिंग रोड (बायपास) होते हुए कन्हर बैरियर तक का रूट तय किया गया था। यह फैसला स्कूली बच्चों, स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा और शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए लिया गया था।
जमीनी हकीकत: रात होते ही टूट रहे नियम
प्रशासनिक आदेश के उलट, जमीनी हकीकत यह है कि रात होते ही भारी वाहन तय बायपास मार्ग को छोड़कर सीधे चांदनी चौक और लरंगसाय चौक से होते हुए कन्हर बैरियर की तरफ जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर ट्रकों की एंट्री कराई जा रही है और जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।
जनता में पनप रहा आक्रोश, उठे गंभीर सवाल
रिहायशी इलाकों से भारी वाहनों की आवाजाही से स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि दिन-रात इसी तरह नो-एंट्री का उल्लंघन होता रहा, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर पुलिस और परिवहन विभाग की नाक के नीचे ये भारी वाहन शहर में कैसे प्रवेश कर रहे हैं? क्या कलेक्टर का यह सख्त आदेश सिर्फ कागजी फाइलों तक ही सीमित रह जाएगा या प्रशासन कोई कड़ी कार्रवाई करेगा?

