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बलरामपुर में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन नहर में अजाक्स मशीन पलटने से ऑपरेटर की दर्दनाक मौत

कोटराहीटांड में सिंचाई परियोजना के दौरान घटा हादसा; भारी मशक्कत और रातभर चले रेस्क्यू के बाद क्रेन से निकाला जा सका शव।

बलरामपुर। जिले में एक बार फिर विकास कार्यों के बीच सुरक्षा में चूक का एक बड़ा मामला सामने आया है। करोड़ों रुपये की लागत से चल रहे सेंदुर नदी सिंचाई परियोजना के निर्माण कार्य के दौरान एक भारी-भरकम अजाक्स (Ajax) मशीन अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में मशीन चला रहे ऑपरेटर की मौके पर ही मलबे और लोहे के नीचे दबने से मौत हो गई। घटना के बाद से ही पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।

रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन: जब हाइड्रा भी पड़ गया छोटा

यह हादसा बुधवार शाम को ग्राम कोटराहीटांड के पास हुआ। काम के दौरान संतुलन बिगड़ने से अजाक्स मशीन सीधे नहर में जा गिरी। मशीन के नीचे दबे ऑपरेटर रामदयाल पंडो (निवासी ग्राम पचावल) को बचाने के लिए तुरंत रेस्क्यू शुरू किया गया।

बचाव कार्य की चुनौतियां: तातापानी चौकी प्रभारी एसआई उमेश सिंह के मुताबिक, अजाक्स मशीन का वजन इतना ज्यादा था कि शुरुआत में बुलाई गई ‘हाइड्रा मशीन’ उसे टस से मस नहीं कर सकी। इसके बाद प्रशासन को आनन-फानन में बड़ी क्रेन की व्यवस्था करनी पड़ी। रात के अंधेरे में चले इस ऑपरेशन के बाद, तड़के करीब 3 बजे क्रेन की मदद से मशीन को उठाकर शव को बाहर निकाला जा सका।

प्रशासनिक सक्रियता और अगली कार्रवाई

हादसे की खबर मिलते ही जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंहदेव तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए सीधे पुलिस अधीक्षक (SP) वैभव बैंकर को मामले से अवगत कराया, जिसके बाद राहत कार्य को गति मिली।

गुरुवार को पुलिस ने मर्ग कायम कर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की। जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है, जहां आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पुलिस फिलहाल दुर्घटना की तकनीकी वजहों की जांच कर रही है।

सुलगते सवाल: विकास की गति में सुरक्षा को क्यों भुलाया जा रहा?

इस हादसे ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर मजदूरों और ऑपरेटरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:

  • सुरक्षा मानकों की अनदेखी: भारी मशीनों से काम लेते वक्त जो सुरक्षा घेरा या गाइडलाइंस होनी चाहिए, क्या उनका पालन हो रहा था?
  • प्रबंधन की लापरवाही: इतनी बड़ी परियोजना में आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए ऑन-साइट पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं थे?

स्थानीय ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों की मांग है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए प्रशासन को निर्माण कंपनियों पर सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए।

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