एक माह, 12 परिवार और उमस भरी काली रातें: चिनिया के बाजार पारा की दर्दभरी दास्तां
बलरामपुर/रामचंद्रपुर: एक तरफ जहां सूरज की तपिश और भीषण लू (Heatwave) ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत चिनिया के ग्रामीण पिछले एक महीने से बिजली कटौती का दंश झेल रहे हैं। आलम यह है कि ग्राम पंचायत के पूर्वपारा सीधाटाड़ (वार्ड क्रमांक 6) के बाजार पारा में लगा ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण करीब 10-12 घरों की बत्ती पूरी तरह गुल है।

10 अप्रैल से ठप है बिजली व्यवस्था
ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2018-19 में स्थापित 25-30 केवी का विभागीय ट्रांसफार्मर 10 अप्रैल 2026 को अचानक हाई वोल्टेज और शॉर्ट सर्किट की वजह से जल गया था। इस घटना के बाद से ही मोहल्ले में अंधेरा पसरा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि वे नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान करते आ रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें इस भीषण संकट में बेसहारा छोड़ दिया गया है।
गर्मी और उमस ने छीनी रात की नींद
मई की चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी में पंखे और कूलर बंद होने से बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं बेहाल हैं। ग्रामीणों ने बताया कि:
- मोबाइल चार्जिंग: संचार का माध्यम मोबाइल तक चार्ज करना दूभर हो गया है।
- पेयजल संकट: बिजली न होने से कई घरों में पानी की मोटर नहीं चल पा रही, जिससे पानी की किल्लत बढ़ गई है।
- अंधेरे का डर: रात के समय पूरा इलाका अंधेरे में डूबा रहता है, जिससे जहरीले जीव-जंतुओं का डर बना रहता है।
शिकायतों के बाद भी नहीं जागा प्रशासन
इस गंभीर समस्या को लेकर ग्राम पंच और सरपंच के नेतृत्व में ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता (EE), क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम, जनपद पंचायत अध्यक्ष मुद्रिका सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को लिखित पत्र सौंपा है। पत्र दिए जाने के कई दिन बीत जाने के बाद भी धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

विभाग का आश्वासन: जल्द बदलेगा ट्रांसफार्मर
मामले की गंभीरता को देखते हुए विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता (EE) पीके अग्रवाल ने कहा कि:
“मामला अब संज्ञान में आया है। चूंकि एक माह का समय बीत चुका है, इसलिए आज ही संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।”
अब देखना यह होगा कि विभाग का यह आश्वासन कब तक अमल में आता है और चिनिया के बाजार पारा के घरों में फिर से रोशनी कब लौटती है।
