रामानुजगंज: राजस्व पखवाड़ा शिविर में पटवारी पर अभद्रता का आरोप, ग्रामीणों ने एसडीएम से की शिकायत
रामानुजगंज/बलरामपुर: छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं की जानकारी देने के लिए आयोजित ‘राजस्व पखवाड़ा’ शिविर विवादों में घिर गया है। ग्राम पंचायत नगरा (ग्राम धनपुरी ) के ग्रामीणों ने क्षेत्र के पटवारी (हल्का नंबर 40) पर गंभीर आरोप लगाते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को लिखित शिकायत सौंपी है।
क्या है पूरा मामला?
ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, 14 अप्रैल 2026 को ग्राम धनपुरी में राजस्व पखवाड़ा शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर का उद्देश्य किसानों और हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देना और उनकी समस्याओं का निराकरण करना था।
शिकायत में बताया गया है कि जब ग्रामीण और किसान योजनाओं के संबंध में जानकारी लेने पटवारी के पास पहुंचे, तो उन्होंने जानकारी देने के बजाय ग्रामीणों के साथ दुर्व्यवहार और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। ग्रामीणों का आरोप है कि पटवारी ने उन्हें जानकारी देने से मना कर दिया और उन्हें वहां से “दुत्कार कर भगा दिया।”
मुख्यमंत्री और कलेक्टर को भी भेजी प्रतिलिपि
पीड़ित ग्रामीणों ने इस मामले में कड़ी नाराजगी जाहिर की है। आवेदक दीपक सिंह सहित लगभग 14 ग्रामीणों (मनोज कुमार सिंह, सुदामा सिंह, बसंत सिंह आदि) के हस्ताक्षर वाले इस पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि:
“ऐसे पटवारी और अधिकारी जो हितग्राहियों को जानकारी नहीं देते, उन्हें शिविर में भेजना उचित नहीं है।”
ग्रामीणों ने इस शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री (छत्तीसगढ़ शासन) और कलेक्टर (बलरामपुर) को भी सूचनार्थ भेजी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे मुख्यमंत्री के ‘जनदर्शन’ कार्यक्रम में अपनी बात रखने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि शासकीय कार्यों में बाधा उत्पन्न करने और जनता के साथ दुर्व्यवहार करने वाले संबंधित पटवारी पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में शासन की योजनाओं का लाभ आम जनता तक सुगमता से पहुंच सके।
