फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन हड़पने वाले 3 जालसाज गिरफ्तार, रामचंद्रपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
बलरामपुर: फर्जी रजिस्ट्री पेपर तैयार कर तहसील कार्यालय को गुमराह करने और वृद्ध की जमीन हड़पने की साजिश रचने वाले तीन शातिर आरोपियों को रामचंद्रपुर पुलिस ने सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

ये हैं सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपी:
- संत कुमार ठाकुर (42 वर्ष), निवासी- रेवतीपुर, थाना रामचंद्रपुर
- हामिद जुलाहा (42 वर्ष), निवासी- रेवतीपुर, थाना रामचंद्रपुर
- लल्लू नागवंशी (55 वर्ष), निवासी- महावीरगंज, थाना रामानुजगंज
क्या है पूरा मामला? मामले का खुलासा रेवतीपुर निवासी 80 वर्षीय बुजुर्ग अलाउद्दीन अंसारी की शिकायत पर हुआ। उन्होंने बताया कि साल 2013 में उन्होंने संत कुमार ठाकुर को अपनी एक जमीन बेची थी। इसके बाद साल 2018-19 में जब भू-अभिलेखों का ऑनलाइन संधारण (डिजिटलाइजेशन) हो रहा था, तब गलती से उनकी एक अन्य जमीन (खसरा नंबर 149/2) भी संत कुमार के नाम पर दर्ज हो गई।
गलती सुधरने से पहले लिया बैंक लोन, फिर रचा षड्यंत्र बुजुर्ग को जब इस गड़बड़ी का पता चला तो उन्होंने तहसील कार्यालय में रिकॉर्ड दुरुस्त कराने की अर्जी दी। इसी बीच आरोपी संत कुमार ने चालाकी दिखाते हुए उस जमीन पर केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) लोन उठा लिया, जिससे नाम सुधार की प्रक्रिया अटक गई।
जब तहसील प्रशासन ने संत कुमार से रजिस्ट्री की मूल प्रति मांगी, तो उसने अपने दो साथियों (हामिद जुलाहा और लल्लू नागवंशी) के साथ मिलकर फर्जी रजिस्ट्री के दस्तावेज तैयार कर लिए। फर्जी पेपर्स को सही बताकर तहसील में जमा कर दिया गया, जिसके झांसे में आकर प्रशासन ने बुजुर्ग की सुधार याचिका खारिज कर दी।
जांच में खुला फर्जीवाड़े का राज मामला तूल पकड़ने पर एसडीओपी रामानुजगंज ने इसकी विस्तृत जांच कराई। जांच रिपोर्ट में फर्जीवाड़े की पुष्टि होते ही रामचंद्रपुर थाने में अपराध क्रमांक 35/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आगे भी नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
