रामानुजगंज में ईंधन का संकट: पेट्रोल पंपों पर राशनिंग’ शुरू
रामानुजगंज (बलरामपुर): बलरामपुर जिले के रामानुजगंज क्षेत्र में इन दिनों पेट्रोल और डीजल की किल्लत ने आम जनता और किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आपूर्ति में आई कमी के चलते पेट्रोल पंप संचालकों ने ईंधन की बिक्री पर नियंत्रण (राशनिंग) लागू कर दिया है। अब वाहनों में तेल भरवाने के लिए सीमा तय कर दी गई है और डिब्बों (जर्किन) में तेल देने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
पंपों पर लगी लिमिट, किसानों की बढ़ी परेशानी

स्थानीय पंप संचालकों का कहना है कि उन्हें तेल कंपनियों से मांग के अनुरूप सप्लाई नहीं मिल रही है।
- गोपालजी फ्यूल्स के संचालक अजीत कुमार गुप्ता के अनुसार, जहाँ पहले महीने में 10 टैंकर की खपत होती थी, अब केवल 6 से 7 टैंकर ही मिल पा रहे हैं। इस वजह से बाइक में ₹200-400 और कारों में ₹1000-1500 तक का ही तेल दिया जा रहा है।
- वार्ड क्रमांक-1 स्थित इंडियन पेट्रोल पंप के संचालक मनीष कुमार अग्रवाल ने बताया कि सप्लाई नियंत्रित होने के कारण वे भी सीमित मात्रा में ही पेट्रोल दे रहे हैं, ताकि स्टॉक पूरी तरह खत्म न हो जाए।
विकास कार्यों और खेती पर असर
ईंधन की इस कमी का सीधा असर विकास कार्यों पर भी पड़ रहा है। NH-343 (रामानुजगंज-बलरामपुर) सड़क निर्माण कार्य के लिए मिलने वाले डीजल में भारी कटौती की गई है, जिससे काम की गति धीमी होने की आशंका है। वहीं, डिब्बों में पेट्रोल-डीजल न मिलने से उन किसानों को भारी समस्या हो रही है जिन्हें पंप सेट या कृषि उपकरणों के लिए ईंधन की जरूरत है। संचालकों का कहना है कि जमाखोरी रोकने के लिए डिब्बों में सप्लाई बंद की गई है।
अधिकारी बोले- हमें जानकारी नहीं, होगी जांच
हैरानी की बात यह है कि जहाँ एक ओर जनता परेशान है, वहीं स्थानीय प्रशासन इस पूरी स्थिति से अनजान बना हुआ है। रामानुजगंज एसडीएम आनंदराम नेताम ने स्पष्ट किया कि किसी भी पंप संचालक ने आधिकारिक तौर पर ईंधन की कमी की सूचना नहीं दी है। उन्होंने कहा:
“मीडिया के माध्यम से मामला संज्ञान में आया है। कलेक्टर के निर्देशानुसार किसानों को ईंधन मिलने में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। हम इस पूरे मामले की विधिवत जांच कराएंगे।”
जनता से अपील
पंप संचालकों और प्रशासन ने नागरिकों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि घबराहट (Panic Buying) में आकर अनावश्यक भंडारण न करें, ताकि स्टॉक बना रहे और सभी को जरूरत के मुताबिक ईंधन मिल सके।
